चढ़ा दिया प्लास्टर, टेढ़ा हो गया हाथ
सोहावल निवासी रमेश कुमार (38) का हाथ खेत में काम करते समय गिरने से फ्रैक्चर हो गया था। सोहावल स्थित एक फिजियोथैरेपी सेंटर पर पहुंचे तो वहां मौजूद एक व्यक्ति ने दो बार प्लास्टर लगाया। आखिरी बार प्लास्टर कटा तो उनका हाथ टेढ़ा मिला। बाद में वह जिला अस्पताल पहुंचे तो आर्थो सर्जन डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने उनका ऑपरेशन करके हाथ ठीक किया।
घुटने में थी सूजन, खिलाते रहे दवाई
खंडासा थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर निवासी रामजगत पांडेय (52) को बाएं घुटने में सूजन और मूवमेंट की दिक्कत हुई तो सोहावल में स्थित एक फिजियोथैरेपी सेंटर पहुंचे। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने स्वयं को अस्थि रोग विशेषज्ञ बताया और शीघ्र आराम मिलने का दावा किया। तीन माह से दवाएं खाने के बावजूद आराम नहीं हुआ तो वह शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचे।
अयोध्या। यह दो मामले तो बानगी भर हैं। इसी तरह जिले भर में जगह-जगह अवैध रूप से खुले अवैध क्लीनिक में स्वयं को अस्थि रोग विशेषज्ञ बताकर झोलाछाप, मरीजों की हड्डियां टेढ़ी कर रहे हैं। केस खराब होने पर जटिलताएं गिनाकर हाथ खड़ा कर लेते हैं। बाद में मरीज बड़े अस्पतालों में पहुंचता है तो उसे दोहरा दर्द झेलना पड़ता है।
जिले में झोलाछापों का सिंडीकेट लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब तक सर्दी, जुकाम, बुखार समेत मामूली बीमारियों का इलाज करने वाले यह झोलाछाप अब विशेषज्ञ भी होने का दावा करते हैं। जगह-जगह फिजियोथेरेपी सेंटर व प्राकृतिक चिकित्सा उपचार केंद्र आदि के नाम से अवैध क्लीनिक खोलकर मरीजों का शोषण कर रहे हैं। इनमें कुछ किसी बड़े आर्थो सर्जन के सहकर्मी बताए जाते हैं तो कुछ इधर-उधर कुछ समय तक सहायक के रूप में कार्य करके स्वयं को विशेषज्ञ बताते हैं। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में झोलाछापों के गलत इलाज से पीड़ित होकर रोज एक-दो मरीज पहुंचते हैं।
दुर्घटनाओं में हड्डियां टूटने के बाद उल्टे-सीधे ढंग से प्लास्टर चढ़ा रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को कई सप्ताह तक प्लास्टर चढ़ाने के बाद भी भुगतना पड़ता है। या तो उन्हें तमाम समस्याएं झेलकर ऑपरेशन कराना पड़ता है या फिर दिव्यांगता के साथ जीवन गुजारना पड़ रहा है। शहर से लेकर देहात तक जगह-जगह यह अवैध क्लीनिक खोलकर मरीजों का शोषण कर रहे हैं, लेकिन इन पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है।
हर तरह के झोलाछापों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इन पर कार्रवाई करके रिपोर्ट शनिवार तक भेजने के लिए सभी अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। शनिवार तक रिपोर्ट न मिलने पर संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा।
-डॉ. संजय जैन, सीएमओ