अयोध्या। कमिश्नर गौरव दयाल ने कहा कि नवनियुक्त आयुर्वेदिक डॉक्टर चरक संहिता में वर्णित चिकित्सा शपथ को अपने जीवन के साथ व्यवहार में भी उतारें। बिना किसी कलंक व आरोप के रोगियों की सेवा करते हुए नौकरी को पूरा करें। जनसंख्या के अनुपात में चिकित्सकों की काफी कमी है। इसलिए सरकार की मंशा के अनुरूप सभी पैथियों से सामंजस्य बनाकर चिकित्सा कार्य करते हुए आम नागरिकों की पूरी निष्ठा से सेवा करें।
कमिश्नर रविवार को अयोध्या मंडल के लोक सेवा आयोग की ओर से चयनित 19 आयुर्वेदिक डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र का वितरण कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आयुष विभाग में रिक्त पदों के अनुपात में 391 चिकित्सकों को लोक सेवा आयोग ने चयन प्रक्रिया के बाद आयुर्वेद चिकित्साधिकारी के पद पर चयनित किया है। कानपुर, लखनऊ व वाराणसी मंडल के चयनित डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र का वितरण लखनऊ के लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने किया।
अयोध्या मंडल में अयोध्या जिले से आठ, अंबेडकर नगर व अमेठी से दो-दो, सुल्तानपुर से छह व बाराबंकी से एक चिकित्साधिकारी का चयन हुआ है। इन सभी को यहां कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में नियुक्ति पत्र दिया गया। कमिश्नर ने चयनित अभ्यर्थियों से संवाद भी किया। उनसे आयुर्वेद चिकित्सा की विभिन्न विधाओं को समझा। चिकित्सा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का पालन करने पर विशेष बल दिया। इस दौरान अपर आयुक्त प्रशासन अजयकांत सैनी, नोडल अधिकारी डॉ. रामानंद व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ. महेंद्र सिंह विष्णु मौजूद रहे।