फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: जांच में दोषी पाए गए प्रधानाचार्य, पद से हटाए गए

विज्ञापन
विज्ञापन
-शिक्षकों ने छात्रा को दिए थे पुरे अंक, पोर्टल पर नहीं किए गए थे अपलोड
विज्ञापन

-डीआईओएस ने संशोधित अंकों के साथ बोर्ड को भेजा प्रस्ताव



अयोध्या। हाईस्कूल परीक्षा में प्रैक्टिकल अंकों की गड़बड़ी के मामले में आजाद इंटर कॉलेज, पलिया जगमोहन सिंह (कुचेरा) के तत्कालीन प्रधानाचार्य गोविंद नाथ को पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई एडीआईओएस की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। प्रधानाध्यापक देवकुमार यादव के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र भेजा गया है।

एडीआईओएस अवनीश कुमार पांडेय ने बताया कि दो मई को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर अभिलेखों की गहन जांच की गई और संबंधित शिक्षकों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि एक छात्रा के प्रैक्टिकल अंकों में गंभीर विसंगति थी। परिषद के अंकपत्र में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गृह विज्ञान, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में क्रमशः 03, 02, 04, 03, 02 और 04 अंक दर्ज थे, जबकि छात्रा थ्योरी परीक्षा में सभी विषयों में उत्तीर्ण थी।
विज्ञापन


समिति के समक्ष विषय अध्यापकों ने साक्ष्यों सहित बताया कि उन्होंने छात्रा को निर्धारित मानकों के अनुसार अधिक अंक दिए थे, लेकिन ये अंक परिषद के पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए। इस पर तत्कालीन प्रधानाचार्य ने इसे मानवीय भूल बताते हुए स्वीकार किया कि फीडिंग में त्रुटि हुई। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय ने 28 अप्रैल को ही इस त्रुटि के सुधार के लिए डीआईओएस कार्यालय को प्रत्यावेदन भेज दिया था।

डीआईओएस कार्यालय ने एक मई को संशोधित अंकों के साथ पूरा प्रकरण माध्यमिक शिक्षा परिषद, वाराणसी को ई-मेल के जरिए भेज दिया। समिति ने उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया प्रधानाचार्य गोविंद नाथ और प्रधानाध्यापक देवकुमार यादव को दोषी ठहराया गया।



इनसेट

एडीआओएस ने बताया कि जांच में सामने आया कि जिस शिक्षक पर छात्रा ने आरोप लगाए थे, वह देवकुमार यादव हैं, जो कक्षा एक से आठ तक एडेड के प्रधानाध्यापक हैं। विवाद हाईस्कूल के प्रैक्टिकल अंकों से जुड़ा है। जांच में यह मिला कि अंक फीडिंग प्रक्रिया में उनकी भूमिका थी। आरोप है कि प्रधानाचार्य के साथ मिलकर सही अंक पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए। वे दोनों जांच में प्रथमदृष्टया दोषी मिले हैं।
विज्ञापन




इनसेट

जांच समिति ने बीएसए को भेजा पत्र
जांच समिति की संस्तुति के बाद देवकुमार यादव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी अब बीएसए लालचंद्र के पास है। डीआईओएस कार्यालय ने औपचारिक पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है। ऐसे में आगे की जांच, जवाब-तलब और संभावित अनुशासनात्मक कदम बीएसए स्तर पर तय होंगे। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, दोष सिद्ध होने पर सेवा से हटाने संबंधी कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है, जिससे उनको प्रधानाध्यापक के पद से हटाया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें