अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में नैक मूल्यांकन की तैयारी की समीक्षा बैठक कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई। इसमें राजभवन में मंगलवार को होने वाले प्रस्तुतीकरण के मद्देनजर मानदंड एक से 11 तक में अब तक की प्रगति को परखा गया।
इस दौरान कुलपति ने कहा कि सभी मानदंडों में मानकों के अनुरूप प्रमाण पत्रों को संलग्न करें। किसी कॉलम को अधूरा न छोड़ा जाए। मानदंड एक के अंतर्गत पीओएस, सीओ व पीएसओ के साथ फीडबैक मैकेनिज्म में सुधार की अपेक्षा की। मानदंड दो में सेमिनार के साथ लैब वर्क पर जोर दिया। मानदंड पांच के तहत कोलैबोरेटिव लर्निंग, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, पियर्स एसाइनमेंट व एकेडमिक ग्रीवेंस सेल के साथ मानदंड छह व सात में स्टूडेंट्स काउंसलिंग, स्पोर्ट्स क्लब, कल्चरल क्लब और सोशल क्लब के गठन की प्रगति की जानकारी ली। इसमें ग्रीवेंस हैंडलिंग और ई गवर्नेंस के कुछ बिंदुओं में सुधार करने की अपेक्षा की।
कुलपति ने डॉक्यूमेंट में फोटो कैप्शन, टीचिंग एंड राइटिंग, ग्रुप डिस्कशन, जियो टैग फोटो व नोटिस को मानकों के अनुरूप जोड़ने के निर्देश दिए। सभी सर्कुलर पॉलिसी प्रपत्रों को हिंदी व इंग्लिश (बाइलिंगुअल) में करने की हिदायत दी। माइनर पेपर सलेक्शन के लिए ग्रुप का निर्धारण आवश्यक बताया। बैठक में आईपीआर शोध गतिविधियों को जांचा गया। मानदंड 11 के विभिन्न विभिन्न बिंदुओं को परखा गया। इस दौरान कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेंदु शुक्ल, प्रो. एसएस मिश्र, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. सीके मिश्र, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. अनूप कुमार, प्रो. शैलेंद्र वर्मा, प्रो. शैलेंद्र कुमार, डॉ. विनोद चौधरी, डॉ. गीतिका श्रीवास्तव, डॉ. पंकज सिंह, डॉ. अनुराग सिंह व क्षितिज द्विवेदी मौजूद रहे।