अयोध्या। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के खतरे को देखते हुए शहर के पहले हीट एक्शन प्लान को अगले साल मार्च-अप्रैल से लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए नगर निगम नेचुरल रिसोर्सेज डिफेंस काउंसिल (एनआरडीसी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ-गांधीनगर (आईआईपीएच-जी) के साथ एमओयू कर चुका है। इस संबंध में तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए 19 सितंबर को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठक होगी।
अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने एनआरडीसी के अध्यक्ष व सीईओ मनीष बापना, भारत प्रमुख दीपा सिंह बगई और आईआईपीएच-जी के निदेशक डॉ. दीपक बी सक्सेना के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। हीट वेव की तीव्रता और आवृत्ति में लगातार वृद्धि के मद्देनजर इस पहल के माध्यम से शहर के स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर गर्मी के प्रभाव से सुरक्षा और लचीलापन बढ़ाने का लक्ष्य है।
देश का प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र होने के चलते हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या आते हैं। ऐसे में शहर को अपनी स्थायी और अस्थायी जनसंख्या दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ही नगर निगम एनआरडीसी और आईआईपीएच-जी की ओर से देश के विभिन्न शहरों में विज्ञान आधारित हीट एक्शन प्लान तैयार करने के दशक भर के अनुभव का लाभ उठाएगा।
इस बारे में अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार ने अमर उजाला को बताया कि अयोध्या के लिए प्रस्तावित हीट एक्शन प्लान में विशेष रूप से संवेदनशील जनसंख्या और बाहरी श्रमिकों की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही सेवाओं की निरंतरता और धार्मिक शहर की सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह रणनीतिक साझेदारी रामनगरी को जलवायु के अनुकूल और लचीला शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हीट एक्शन प्लान से संबंधित विभागों के साथ 19 सितंबर को होने वाली बैठक के माध्यम से इस दिशा में तैयारियों को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।