अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारी।
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राम की पैड़ी पर दीपोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। बुधवार को अवध विश्वविद्यालय के पांच हजार से अधिक वालंटियर घाटों पर पहुंचे और दीये बिछाने का काम शुरू किया। पहले दिन एक से 35 नंबर घाट तक दीये सजाए गए। चौक पूर्णा की डिजाइन भी तैयार कर ली गई है।
नोडल प्रभारी एसएस मिश्रा ने बताया कि वालंटियर को अलग-अलग टोलियों में बांटकर निर्धारित घाटों की जिम्मेदारी दी गई है। टीमें घाटों की सीढ़ियों पर दीपों की कतारें सजाने और उन्हें व्यवस्थित करने में जुटी हैं। इस बार कई ऐसे विद्यार्थी भी आयोजन का हिस्सा बने हैं, जिन्होंने अब तक दीपोत्सव को टीवी और अखबारों में ही देखा था।
पहली बार दीपोत्सव में शामिल हुए वालंटियर
अवध विश्वविद्यालय की वालंटियर ने कहा कि पहली बार अयोध्या में इतने बड़े आयोजन को करीब से देख रहा हूं। दीये सजाने में शामिल होकर बहुत अच्छा लग रहा है।
अवध विश्वविद्यालय की लक्ष्मी कसौधन ने कहा कि दीपोत्सव के बारे में अब तक टीवी और अखबारों में देखा-पढ़ा था। आज सामने से देखकर उत्साहित हूं। प्रदेश सरकार का धन्यवाद।
बीकापुर के शुभम पाल का कहना है कि घाटों पर हजारों दीये और इतनी बड़ी तैयारी देखना शानदार अनुभव है। खुशी है कि मुझे भी इसमें योगदान का मौका मिला।
गोंडा के अवधेश का कहना है कि अयोध्या का दीपोत्सव हमेशा आकर्षित करता था। पहली बार यहां आकर तैयारियां देखने और खुद दीये सजाने का अवसर मिला।