फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: बांटा जा रहा प्रसाद...रामजी करेंगे बेड़ा पार

Mon, 03 Feb 2025 08:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। मिल्कीपुर का रण रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है। यहां मुख्य रूप से भाजपा व सपा की सीधी टक्कर दिखाई दे रही है। दोनों दलों ने जीत का ताज पहनने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इस समय सपा सांसद अवधेश प्रसाद का रोते हुए वीडियो राजनीतिक हल्के में चर्चा का विषय बना हुआ है तो भाजपा भी जीत सुनिश्चित करने के लिए अंत में राम जी की शरण में चली गई है। संघ, विहिप व अन्य आनुषांगिक संगठनों की ओर से मिल्कीपुर के मतदाताओं को रामलला का प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
विज्ञापन

रामटोली बनाकर बूथ विजय अभियान के क्रम में विद्यार्थी परिषद की ओर से मंगलवार से रामलला का प्रसाद वितरित किया जाएगा। वहीं संघ के कार्यकर्ता पहले से ही प्रसाद वितरण का अभियान चला रहे हैं। संघ का लक्ष्य अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाना है। विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने बताया कि रोजाना बैठकें कर शत-प्रतिशत मतदान के लिए मतदाताओं को प्रेरित करने का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है। बूथ विजय अभियान के तहत राम टोली तैयार की गई है। यह टोली मिल्कीपुर के बूथ क्षेत्रों में रामलला का प्रसाद घर-घर तक पहुंचाएगी। प्रसाद का वितरण मंगलवार को किया जाएगा। इसके लिए 70 बूथ चिन्हित किए गए हैं। 70 बूथ संयोजक भी बनाए गए हैं। ये बूथ संयेाजक अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में रामलला का प्रसाद वितरित करेंगे। मतदाताओं से शत-प्रतिशत मतदान करने की अपील करेंगे।
मिल्कीपुर सीट भाजपा के लिए नाक का सवाल बन गई है। भाजपा ने जीत के लिए दिन-रात एक कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं चुनाव की कमान संभाल रखी है। चुनाव अभियान के दौरान सात बार मुख्यमंत्री मिल्कीपुर की जनता के बीच पहुंचे। सरकार के आधा दर्जन मंत्री, संगठन की टीम लगातार चुनाव क्षेत्र में कैंप किए हुए है। दोनों डिप्टी सीएम का भी दौरा हो चुका है। पर्दे के पीछे से संघ व उसके आनुषांगिक संगठन भी लगे हुए हैं।
विज्ञापन

भाजपा को यहां जीत मिलती है तो अयोध्या की हार के घाव पर मरहम की तरह होगी यदि हार मिली तो भाजपा को बड़ा नुकसान होगा। जबकि सपा के लिए भी यह सीट प्रतिष्ठापरक है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद के पुत्र यहां किस्मत आजमा रहे हैं। दलित-पासी वोटों का गठजोड़ सपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जीत से अवधेश प्रसाद का राजनीतिक कद भी बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें