अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में चहुंओर राम व रामकथा का गुणगान हो रहा है, अनुष्ठानों की धूम है। सरयू तट से लेकर मठ-मंदिरों तक जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे हैं। शाम होते-होते मठ-मंदिर के जगमोहन में सोहर व बधाई गान का सिलसिला शुरू हो जाता है। देर रात तक गीत-संगीत व अध्यात्म की प्रवाहित हो रही त्रिवेणी में भक्त गोता लगाकर आनंदित हो रहे हैं।
हिंदू धाम में श्रीराम कथा में महंत पूर्व सांसद डॉ़ राम विलास दास वेदांती ने कहा कि भगवान राम का चरित्र जहां एक ओर पारिवारिक रिश्तों की अहमियत को दर्शाता है। माता सीता की खोज में लंका पहुंचे हनुमान जी का माता सीता के साथ संवाद के प्रसंग को सुनकर भक्त भावविभोर हो गए।
मणिरामदास की छावनी के सभागार में रामकथा की सुधा वृष्टि करते हुए मानस मर्मज्ञ आचार्य राधेश्याम शास्त्री ने कहा कि व्यक्ति को सांसारिक सुखों की मृगतृष्णा को त्याग कर अपने स्वरूप में स्थित होने का सतत प्रयास करना चाहिए। निराकार अव्यक्त परमात्मा माया के जरिये इस संसार की सृष्टि करता है। जिसके प्रभाव से बड़े-बड़े संत, महात्मा से लेकर ब्रह्मा, शिव तक मोहित हो जाते हैं। दशरथ महल में डॉ़ रामानंद दास, बड़ी छावनी बगिया में रमेश भाई, हनुमान बाग में सुरभि रामकथा का प्रवचन कर रही हैं।
भगवान लक्ष्मी नारायण का आगम पद्धति से पूजन
अयोध्या। प्रतिष्ठित पीठ अशर्फी भवन में रामनवमी पर विभिन्न अनुष्ठान चल रहे हैं। जगद्गुरु श्री धराचार्य के सानिध्य में नवाह पारायण, वेद पाठ, रामायण पाठ, पुरुष सूक्त, श्री सूक्त पाठ व भगवान लक्ष्मी नारायण का आगम पद्धति से पूजन-अर्चन किया जा रहा है। चैत्र शुक्ल पंचमी शनिवार को अशर्फी भवन के आराध्य भगवान श्रीलक्ष्मी नारायण के वार्षिक उत्सव में दिव्य सरयू जल से युक्त 108 कलश से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। संवाद