अयोध्या। मेडिकल कॉलेज के संविदाकर्मी रहे प्रभुनाथ मिश्रा की मौत मामले में पूर्व प्राचार्य समेत दोनों आरोपी छात्राओं की मुसीबत बढ़ती जा रही है। प्रारंभिक विवेचना में उन पर लगे आरोप प्रमाणित बताए गए हैं। अब पुलिस ने कॉलेज में हुई प्रकरण की जांच रिपोर्ट भी तलब की है। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय भेजने की तैयारी है।
मेडिकल कॉलेज के संविदाकर्मी की मौत के बहुचर्चित मामले में तत्कालीन प्राचार्य समेत दो छात्राओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सात नवंबर को दर्ज एफआईआर में हैदरगंज थाना क्षेत्र के बिंदा मिश्र का पुरवा, पछियाना निवासी जगदीश चंद्र मिश्रा ने प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार व दोनों छात्राओं को बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया था।
विवेचक ने 26 नवंबर, 2025 को इस मामले में आरोप पत्र संख्या 559/25 के जरिये आरोप पत्र भेजा था। इसके अनुसार तत्कालीन प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार व दोनों आरोपी छात्राओं पर लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए थे। अब आरोप पत्र के अवलोकन के दौरान पर्यवेक्षण अधिकारी ने कुछ कमियां पूर्ण करके विवेचना में समाहित करने की आवश्यकता बताई है। इसमें कॉलेज की जांच कमेटी की रिपोर्ट संलग्न करने को भी कहा है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि कॉलेज स्तर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट कॉलेज प्रशासन से मांगी गई है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
प्रभुनाथ मिश्रा मेडिकल कॉलेज संविदाकर्मी के रूप में तैनात थे। 29 जुलाई की सुबह 11:30 बजे पर्चा काउंटर पर उनकी ड्यूटी थी। इस दौरान एमबीबीएस के 2020 बैच की छात्राओं से उनका विवाद हो गया। कुछ देर बाद काफी संख्या में आए एमबीबीएस के छात्रों ने पर्चा काउंटर पर हंगामा काटा। आरोप है कि उन लोगों ने प्रभुनाथ की पिटाई भी की। सात अगस्त को प्रभुनाथ ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज दर्शननगर लाए, जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। अगले दिन उनकी मौत हो गई। न्यायालय के आदेश पर सात नवंबर, 2024 को तत्कालीन प्राचार्य व दोनों छात्राओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। दर्ज एफआईआर में उन्होंने बताया कि विपक्षियों ने उनके बेटे की शिकायत वापस लेने व माफी मांगने के लिए लगातार धमकाया गया। इसकी शिकायत प्राचार्य से की गई तो उन्होंने भी उसे अपने कमरे में बुलाकर भला-बुरा कहा। प्रभुनाथ को आरोपी छात्राओं का पैर पकड़कर माफी मांगने के लिए विवश किया गया। ऐसा न करने पर छेड़छाड़ व अन्य गंभीर अपराध में फर्जी फंसाने की धमकी दी गई। इसी से आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों को उसने यह जानकारी दी थी।