अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रामलला की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के लिए अब स्थायी आवास का निर्माण किया जा रहा है। यह व्यवस्था सुरक्षा ड्यूटी को और अधिक सुदृढ़, व्यवस्थित और सतत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बीते 33 वर्षों से रामलला की सुरक्षा व्यवस्था विशेष प्रशासनिक निगरानी में रही है। इस दौरान सुरक्षा के लिए तीन मजिस्ट्रेट, एक उपजिलाधिकारी (एसडीएम), एक अपर पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) और तीन पीएसओ (निजी सुरक्षा अधिकारी) की तैनाती की परंपरा चली आ रही है। यह अधिकारी 24 घंटे परिसर की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इनकी नियुक्ति शासन स्तर से 1992 से लगातार होती आ रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि रामलला की सुरक्षा में 33 वर्षों से तीन पीएसओ की तैनाती रहती है। इसके अलावा शासन स्तर से एक एडिशनल एसपी भी तैनात किया जाता है, वह एसपी सुरक्षा के रूप में जिम्मेदारी संभालते हैं। अब तक इन अधिकारियों और कर्मियों को अस्थायी आवास या बाहर ठहरकर ड्यूटी करनी पड़ती थी, जिससे कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती थीं। स्थायी निवास के निर्माण से सुरक्षा बलों की त्वरित उपलब्धता, ड्यूटी में निरंतरता और आपात परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अलावा परिसर की सुरक्षा में करीब तीन हजार सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। इनमें एसएसएफ, सीआरपीएफ, पीएसी व सिविल पुलिस के जवान हैं, इनके लिए भी आवास व्यवस्था निकट भविष्य में सुनिश्चित की जाएगी।