प्रवेश द्वार का निर्माण हुआ प्रारंभ।
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रामनगरी में धार्मिक सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्व को सशक्त करने की दिशा में एक और पहल की जा रही है। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर भव्य तिलक प्रवेश द्वार का निर्माण किया जा रहा है तो वहीं दशरथ पथ पर सूर्य द्वार का भी निर्माण शुरू हो चुका है।
अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थल हनुमान गुफा के पास तिलक द्वार बनाया जा रहा है। अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से एक करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस प्रवेश द्वार का 60 फीसदी काम लगभग पूरा हो चुका है। तिलक प्रवेश द्वार न केवल एक स्थापत्य संरक्षण है बल्कि यह अयोध्या की समृद्ध धार्मिक परंपरा, आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक भी बनेगा।
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डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि पंचकोसी परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए द्वार प्रवेश का आध्यात्मिक अनुभव और भव्यता दोनों ही प्रदान करेगा। इस द्वार को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि शास्त्रीय स्थापत्य कला मंदिर शैली और आधुनिक तकनीक व सुंदर संगम प्रस्तुत हो सके। निर्माण में धार्मिक प्रतीकों को रामायण युगीन प्रेरणा और पारंपरिक शिल्प को प्रमुखता दी जा रही है तो वहीं निर्माणाधीन दशरथ पथ पर भी सूर्य प्रवेश द्वार का निर्माण शुरू हो चुका है। यह दशरथ पथ आजमगढ़ रोड को जोड़ते हुए वाराणसी तक जुड़ेगा। इन दोनों प्रवेश द्वारों के बन जाने से अयोध्या के वैभव में और चार चांद लग सकेंगे।