8- सड़कों पर दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है ओवरलोड ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली- संवाद
पूरा बाजार। क्षेत्र की सड़कों पर ईंट लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। तेज रफ्तार में फर्राटा भरती यह ट्रॉलियां न केवल यातायात नियमों की अनदेखी कर रही हैं, बल्कि आए दिन गंभीर हादसों को भी जन्म दे रही हैं। इसके बावजूद पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
हर दिन सैकड़ों की संख्या में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां थाना महाराजगंज और पुलिस चौकी पूरा बाजार क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। बीते वर्षों में इन वाहनों से कई हादसे हो चुके हैं। पांच जनवरी 2024 को ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से जगलाल निषाद की मौत हो गई थी। तीन सितंबर 2024 को बंसी लाल की जान भी ऐसे ही हादसे में चली गई। 18 फरवरी 2023 को सरायरासी में एक बाइक सवार की ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर में मौत हो गई थी। 17 जुलाई 2020 को पूरा बाजार में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मीना गौड़ और उनके नवजात की मौत हो गई थी।
10 अप्रैल 2019 को राम सुरेश की मौत ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से हुई थी। जबकि तीन सितंबर 2017 को पूरा बाजार में बोलेरो और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में चार लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों के बावजूद प्रशासन की अनदेखी के कारण ओवरलोड ट्रॉलियां बेलगाम दौड़ रही हैं। अधिकतर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां टांडा से होते हुए महबूबगंज, दिलासीगंज, मया बाजार और पूरा बाजार से गुजर कर अयोध्या शहर तक पहुंचती हैं।
सिर्फ कृषि कार्यों तक सीमित रखने का है आदेश
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहन स्वामियों की पुलिस थाना और चौकी स्तर पर मजबूत पकड़ के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जबकि प्रदेश सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी कर ट्रैक्टर-ट्रॉली का प्रयोग केवल कृषि कार्यों तक सीमित रखने और व्यावसायिक उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। सरकारी आदेशों के बावजूद क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल मिट्टी, बालू, ईंट और लकड़ी की ढुलाई के लिए धड़ल्ले से किया जा रहा है।