उपनिबंधक रुदौली को ज्ञापन देते संगठन के लोग।
रुदौली। रजिस्ट्रीकरण की नई ई-पंजीकरण व्यवस्था का विरोध रुदौली में तेज हो गया है। इस व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं ने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने उपनिबंधक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
विरोध कर रहे संगठनों ने नई अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था उनकी आजीविका पर संकट खड़ा कर सकती है। स्टांप लेखक त्रिभुवन निषाद ने बताया कि इससे उनका पारंपरिक कार्य प्रभावित होगा। दस्तावेज लेखक संघ के अगुवा नितिन गुप्ता ने नई व्यवस्था का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि इसके तहत पक्षकारों की संबंधित संस्था कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रत्येक संस्था को प्राधिकृत अधिकारी नामित कर विभागीय पोर्टल पर अलग लॉगिन दिया जाएगा। गुप्ता ने आशंका जताई कि इससे बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो सकते हैं। अन्य सहायक कर्मियों के कार्य पर भी असर पड़ेगा। इससे कई लोगों के सामने बेरोजगारी का खतरा उत्पन्न हो गया है। संगठन ने मुख्यमंत्री से अधिसूचना को तत्काल वापस लेने की मांग की है। वे चाहते हैं कि पूर्व की भांति कार्य सुचारु रूप से चलता रहे।