अयोध्या। मेडिकल कॉलेज की कैंसर ओपीडी अब रोगियों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। पिछले करीब तीन माह में यहां एक हजार से अधिक रोगियों का इलाज हो चुका है। जबकि, लगभग 300 रोगियों की निशुल्क कीमोथेरेपी हो चुकी है।
कैंसर का नाम सुनते ही मरीज और उनके परिजन भयभीत हो जाते हैं। कई बार तो उन पर अवसाद हावी हो जाता है। इन रोगियों के इलाज के लिए अब तक जिले में कोई इंतजाम नहीं थे। लोगों को ओपीडी सेवाओं के लिए भी लखनऊ, दिल्ली या मुंबई आदि का चक्कर लगाना पड़ता था। वहां पहले से रोगियों की भीड़ होने के कारण इलाज में संघर्ष करना पड़ता था। साथ ही आवागमन और इलाज में मोटी रकम चुकानी पड़ती थी।
इससे निजात के लिए मेडिकल कॉलेज में करीब तीन माह पहले रेडियोथेरेपी विभाग सक्रिय हुआ। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. धीरेंद्र सचान की तैनाती हुई, जिससे ओपीडी सेवाएं संचालित हुईं। डॉ. धीरेंद्र सचान ने बताया कि हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को कमरा नंबर 109 में ओपीडी चलती है। सबसे ज्यादा मामले मुख कैंसर के सामने आ रहे हैं। दूसरे नंबर पर स्तन कैंसर के मामले हैं। ओपीडी में अयोध्या के अलावा बस्ती, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर और गोंडा के मरीज भी आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शरीर के किसी अंग में गांठ, घाव, स्तन से पानी या खून आना, बच्चेदानी से असामान्य रक्तस्राव, लगातार खांसी या वजन घटना आदि कैंसर के लक्षण हैं। प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि रोगियों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय तो है, लेकिन अब इलाज घर के करीब उपलब्ध है। शासन से रेडियोथेरेपी विभाग की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसकी शुरुआत होने वाली है।
इस तरह करें कैंसर से बचाव
डॉ. धीरेंद्र सचान ने बताया कि कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, साफ-सुथरा आहार लें, नियमित व्यायाम और योग करें। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूर रहें। शरीर में कोई असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।