अवध विश्वविद्यालय में एक दिवसीय गोष्ठी के दौरान मौजूद शिक्षक।
अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय में शैक्षणिक शोध संस्थानों के विकास में वित्तीय अनुदान का योगदान विषय पर एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग और ललित कला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड इकनोमिक एसोसिएशन के वित्तपोषण से विभागीय सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में शालिग्राम पीजी कॉलेज, मेरठ की प्रो. रंजू नारंग उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और तथ्यपरक शोध के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन अत्यंत आवश्यक हैं, इसलिए शोधकर्ताओं को सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं से अनुदान प्राप्त करने के लिए प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में प्रो. आशुतोष सिन्हा ने बताया कि शोध की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता अहम भूमिका निभाती है। डॉ. अलका श्रीवास्तव ने गैर-सरकारी संस्थाओं से अनुदान प्राप्त करने के तरीकों पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. रीमा सिंह ने शोध छात्रों के लिए आर्थिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. सरिता द्विवेदी ने यूजीसी, राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रो. रंजू नारंग ने शोध एवं शैक्षणिक विकास के लिए 10 हजार रुपये का योगदान भी प्रदान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी रही।