अयोध्या। विधान परिषद की खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवा के प्रचलन से जनजीवन की स्वास्थ्य समस्याओं पर रोकथाम के लिए गठित समिति की समीक्षा बैठक हुई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति राम गोपाल उर्फ गोपाल अंजान ने की। उन्होंने अयोध्या में समाज कल्याण विभाग के कार्यों से असंतुष्ट होकर विभागीय अफसरों को लखनऊ में विधान परिषद सदन में बुलाए जाने का निर्देश दिया। जिला आबकारी विभाग के कार्यों पर भी असंतोष जाहिर किया।
विशेष सचिव प्रताप नारायण द्विवेदी ने बताया कि समिति एक मिनी सदन की तरह है। सभापति ने खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा की। इसमें अन्य जिलों की अपेक्षा अयोध्या की कार्यप्रणाली पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए सहायक आयुक्त (खाद्य) मानिक चंद्र सिंह को अच्छे काम के लिए प्रशस्ति पत्र दिए जाने की संस्तुति की। यूनानी विभाग की समीक्षा में निर्माण इकाइयों के लगातार निरीक्षण के आदेश दिए।
सभापति ने कहा कि मिड डे मील, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, राशन की दुकानों और आंगनबाड़ी पुष्टाहार केंद्रों का निरीक्षण खाद्य सुरक्षा विभाग व संबंधित विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ प्रभावी रूप से करें। मंडल के अन्य जिलों के डीएम के स्थान पर बैठक में एडीएम के आने पर सभापति ने नाराजगी जताई।
डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने समिति के सभापति व सदस्यों को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का सभी जिलों में अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक में समिति के सदस्य वंदना वर्मा, मानवेंद्र सिंह, संतोष सिंह, एसपी ग्रामीण, एडीएम प्रशासन, एडीएम सिटी, मंडल के अन्य जिलों के एडीएम व एएसपी, संबंधित विभागों के मंडलीय और जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।