अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद ने जांच एजेंसियों के सामने केवल चोरी या अनियमितता का मामला ही नहीं रखा है, बल्कि पूरे निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हमेशा विशेष सतर्कता बरतने के दावे किए जाते रहे हैं। ऐसे में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद से अब निगरानी प्रणाली भी जांच के घेरे में आ गई है।
राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी व कीमती वस्तुओं के गायब होने का मामला बीते दिनों से सुर्खियों में है। इसे लेकर मंदिर ट्रस्ट लगातार निशाने पर है। ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की है। बीते दिनों एसआईटी ने अभिलेखों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की है।
सूत्रों के अनुसार जांच की दिशा अब केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक का आकलन भी किया जा रहा है।
जांच का फोकस निगरानी व्यवस्था की कमजोरी का पता लगाने पर भी किया जा रहा है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या प्रक्रियागत कमी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है। (संवाद)