अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाता में निकासी पर लगाई गई रोक को हटाए जाने के प्रार्थना पत्र पर पुलिस की आख्या से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुई। बृहस्पतिवार को सुनवाई की नियत तिथि पर अदालत ने तीन बिंदुओं पर स्पष्ट आख्या के लिए सीओ आशुतोष तिवारी को आदेशित किया है।
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने सुभाष श्रीवास्तव के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए अब 27 जुलाई की तारीख नियत की है। न्यायाधीश ने मामले की विवेचना कर रहे सीओ आशुतोष तिवारी से सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाता को किस प्राविधान के तहत फ्रीज किया गया पर स्पष्ट आख्या मांगी है। साथ ही आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाता को फ्रीज किए जाने की सूचना अदालत को दी गई है, के बाबत भी रिपोर्ट तलब किया है। न्यायाधीश ने आरोपी के पेंशन बैंक खाता को फ्रीज करने की अनुमति के आदेश की प्रति के बाबत भी कोर्ट को अवगत कराने का आदेश पारित किया है।
न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि मामले के विवेचक ने आरोपी के पेंशन बैंक खाता को संचालित किए जाने की अनुमति प्रार्थना पत्र पर 9 बिंदुओं पर आख्या अदालत में दाखिल की है लेकिन जिस आदेश से पेंशन बैंक खाता फ्रीज किया गया है उस आदेश की कॉपी कोर्ट में दाखिल नहीं की गई है। अदालत ने विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से प्रस्तुत आख्या को अधूरी मानते हुए कोर्ट से मांगी गई सूचना को प्रस्तुत करने का आदेश जारी करते हुए 27 जुलाई की तारीख नियत की है।
दो दिन पहले पुलिस ने दी थी आख्या
21 जुलाई को पुलिस की भेजी गई आख्या में सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाता में 26 जून के बाद हुई जमा धनराशि की निकासी पर कोई रोक नहीं होने एवं 26 जून के बाद बैंक खाता में जमा निकासी से रोक हटाए जाने से कोई आपत्ति नहीं है सहित 9 बिंदुओं पर कोर्ट में आख्या दाखिल की गई थी। जेल में निरुद्ध रामजन्म भूमि मंदिर चढ़ावा धनराशि चोरी के आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने 18 जुलाई को कोर्ट में अर्जी देकर पेंशन बैंक खाता को संचालित किए जाने का आदेश पारित किए जाने की मांग की गई थी। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि सेवानिवृत्त होने के बाद मिलने वाली पेंशन का बैंक खाता को पुलिस की ओर से फ्रीज कर दिए जाने से परिवार का जीवनयापन व मासिक किस्तें जमा हो पाना संभव नहीं हो पा रहा है।