बीकापुर। दिल्ली से गोरखपुर जा रही निजी बस में शुक्रवार को एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा हुई और उसने बस के भीतर ही बच्चे को जन्म दे दिया। बस चालक की सूझबूझ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बीकापुर के स्वास्थ्य कर्मियों की तत्परता से मां और नवजात दोनों सुरक्षित रहे।
गोरखपुर निवासी नेहा (25) अपने पति प्रदीप कुमार के साथ दिल्ली में रहती हैं और अकेले बस से घर लौट रही थीं। बीकापुर क्षेत्र के पास पहुंचने पर उन्हें तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बस रोकी गई, लेकिन तब तक महिला ने बस में ही एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दे दिया था। बस में प्रसव होने के बाद चालक ने बस को सीधे सीएचसी बीकापुर के मुख्य गेट पर ले जाकर अस्पताल को सूचना दी।
अधीक्षक डॉक्टर अंशुमान यादव ने चिकित्सक अनुराग मिश्रा के साथ स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को तुरंत मौके पर भेजा। टीम ने बस के पास पहुंचकर जच्चा और बच्चा को सुरक्षित अस्पताल के प्रसूता वार्ड में भर्ती कराया। यहां प्राथमिक उपचार के साथ दोनों की स्थिति को स्थिर किया गया।
इस दौरान स्टाफ नर्स गीता शर्मा, निधि राय, वार्ड आया प्रियंका, अजितेश शुक्ला और आभा चौधरी ने अहम भूमिका निभाई। अधीक्षक डॉ. अंशुमन यादव ने बताया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। करीब एक घंटे तक निगरानी में रखने के बाद जब स्थिति सामान्य रही, तो महिला ने अपनी यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं और सुरक्षित रूप से उन्हें बस तक पहुंचाया। बीकापुर क्षेत्र के निवासी बस संचालक गोविंद यादव भी मौके पर पहुंचे और जच्चा-बच्चा को सावधानी पूर्वक पुनः बस में बैठाकर गोरखपुर के लिए रवाना किया।