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Ayodhya News: 58 गांवों को कार्बन न्यूट्रल बनाने की दिशा में बढ़े नए कदम

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अयोध्या। जिले के 58 गांवों को कार्बन न्यूट्रल बनाने की दिशा में नए कदम उठाए गए हैं। जिला प्रशासन की पहल पर अब इन गांवों में आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) का संचालन और मॉनीटरिंग एप के माध्यम से की जाएगी। इससे यहां पर ठोस कचरा प्रबंधन के तहत कचरे को इकट्ठा कर गीले व सूखे को अलग करते हुए पुनर्चक्रित करके खाद बनाने की प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार होगा।
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अयोध्या में 58 गांवों को कार्बन न्यूट्रल बनाने की पहल एक बड़ी योजना का हिस्सा है। इसके माध्यम से इन सभी गांवों में मियावाकी पद्धति से वैदिक वनों की स्थापना की गई है। इन वनों में पौधरोपण की प्रक्रिया पूरी हाे चुकी है। सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन गांवों के पंचायत भवनों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। परिषदीय विद्यालय, सीएचसी व पीएचसी समेत अन्य सरकारी भवनों पर भी सोलर पैनल लगाए जाने की कार्ययोजना पर काम हो रहा है।



इतना ही नहीं इस समय जगमग अयोध्या प्रोजेक्ट के तहत इन गांवों में एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगवाने का भी काम तेजी से चल रहा है। फिलिप्स के सहयोग से प्रत्येक ग्राम पंचायत में फिलहाल 10-10 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगवाई जा रही है। आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाए जाने की तैयारी है। इन सभी कवायदों का मकसद इन गांवों में कार्बन उत्सर्जन कम करना है, जिससे वे पर्यावरण के अनुकूल बनें।
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सोहावल के मुस्तफाबाद में नई प्रणाली का सफल ट्रायल



इसी कड़ी में नगर निगम की तर्ज पर अब आरआरसी का संचालन और मॉनीटरिंग एप के माध्यम से करने की नई पहल को जोड़ा गया है। इसके माध्यम से कूड़ा उठाने वाले वाहनों के संचालन और कूड़ा संग्रहण व निस्तारण की प्रक्रिया की रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा सकेगी। सोहावल के मुस्तफाबाद में इस नई प्रणाली का सफल ट्रायल कर लिया गया है। अब इसे सभी 58 गांवों में प्रभावी किया जाएगा।



इन गांवों से जुड़े मार्गों पर ई रिक्शा के संचालन को देंगे बढ़ावा



मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने अमर उजाला को बताया कि आने वाले समय में इन सभी गांवों से जुड़े मार्गों पर लोगों के आवागमन के लिए ई रिक्शा के संचालन को बढ़ावा दिया जाएगा। ई रिक्शा के संचालन में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए पहले उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही ई रिक्शा खरीदने के लिए बैंकों से वित्तीय मदद भी दिलाई जाएगी। तीन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना भी इसी प्राेजेक्ट का हिस्सा है। अगले 15 दिनों में चार्जिंग स्टेशनों का संचालन शुरू हो जाने की उम्मीद है।
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