अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध एवं उद्यमिता विभाग में शुक्रवार को टूरिस्ट गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम का समापन हो गया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि एडीए उपाध्यक्ष अश्विनी कुमार पांडेय ने कहा कि पर्यटन का अपना एक विशेष क्षेत्र है। इसमें कम लागत में व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 2047 तक सांस्कृतिक एवं पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या को विश्व पटल पर स्थापित करना है। यहां पर्यटन के क्षेत्र में और विकास की आवश्यकता है। अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को बचाना आप सभी गाइड का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि गाइड ही टूरिस्ट को एक अच्छा अनुभव दे सकते हैं। इसके लिए बौद्धिक-क्षमता विकसित करनी होगी ताकि टूरिस्ट को नई जानकारी मिल सके। कार्यक्रम में व्यवसाय प्रबंध एवं उद्यमिता विभागाध्यक्ष प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने 15 दिवसीय टूरिस्ट गाइड प्रोग्राम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
प्रो. हिमांशु ने कहा कि विशेषज्ञों ने इस प्रशिक्षण में बहुआयामी विकास के बारे में बताया है। उन्होंने प्रशिक्षु टूरिस्ट गाइड से उम्मीद की है कि अयोध्या की शुचिता एवं पवित्रता को बनाए रखें। इसी क्रम में प्रशिक्षु टूरिस्ट गाइड मेहुल लखानी एवं राजू यादव ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने किया। इस मौके पर डॉ. अंशुमान पाठक, डॉ. आशीष पटेल, डॉ. आशुतोष पांडेय, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. दीपा सिंह, डॉ. रामजीत सिंह यादव, डॉ. रामजी सिंह, डॉ. रविंद्र भारद्वाज, डॉ. विवेक उपाध्याय, डॉ. सूरज सिंह व डॉ. महेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
15 दिनों में 50 गाइड हुए प्रशिक्षित
विभागाध्यक्ष ने बताया कि इन 15 दिनों में रामनगरी के विभिन्न स्थलों से लेकर गाइड के कार्य करने के तौर-तरीके तक प्रशिक्षुओं को सिखाए गए हैं। इसके साथ ही मराठी, गुजराती और बांग्ला भाषा का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इससे आने वाले दिनों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये गाइड रामनगरी के टूरिस्टों को बेहतर दर्शन करा सकेंगे।