अयोध्या। मेडिकल कॉलेज से रीजेंट्स चोरी के मामले में अब दूसरी तहरीर दी गई है। इसमें आरोपियों को नामजद किया गया है। साथ में कॉलेज की ओर से कराई गई जांच की आख्या संलग्न की गई है। हालांकि इसमें त्रुटियां संशोधित करके केस दर्ज करने का दावा पुलिस कर रही है।
मेडिकल कॉलेज दर्शननगर से छह और 13 अप्रैल को महंगे रीजेंट्स चाेरी का मामला सीसीटीवी में कैद हुआ था। कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी ने 21 अप्रैल को रिपोर्ट प्रस्तुत किया, जिसमें लैब टेक्नीशियन संतोष यादव और उमाशंकर का नाम सामने आया था। दोनों कर्मचारियों की सेवाएं 23 अप्रैल को बाधित कर दी गईं, लेकिन केस दर्ज कराने के लिए तहरीर नहीं दी गई।
अमर उजाला ने मुद्दे को उठाया तो जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया और प्राचार्य को अपने स्तर से कार्यवाही के निर्देश दिए। प्राचार्य के पत्र पर सीएमएस ने तत्समय लैब इंचार्ज रहे डॉ. पारस खरबंदा को केस दर्ज कराने को कहा। उन्होंने 28 अप्रैल को कोतवाली अयोध्या में तहरीर तो दी, लेकिन आरोपियों का नाम तक नहीं लिखा। इसी का हवाला देकर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो अमर उजाला ने 29 और 30 अप्रैल को खबर प्रकाशित की।
किरकिरी होने पर कॉलेज प्रशासन फिर हरकत में आया और शुक्रवार को दूसरी तहरीर दी गई है। इसमें संतोष यादव और उमाशंकर को नामजद करके कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल अभी तक इस तहरीर पर भी केस दर्ज नहीं हुआ है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि दूसरी तहरीर में आरोपियों का नाम तो है, लेकिन भाषा में गलती थी, जिसे दुरुस्त करके तहरीर मांगी गई है। इसके बाद केस दर्ज करके छानबीन शुरू की जाएगी।