अयोध्या। मूल्य समर्थन योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले में आधे से अधिक क्रय केंद्र प्रभारियों ने निराश किया, फिर भी गेहूं खरीद में रिकॉर्ड बना है। 64 क्रय केंद्रों पर सात हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद हुई है। यह पिछले साल की तुलना में 250 फीसदी अधिक है।
लगभग सभी किसानों को खरीदे गए गेहूं के बदले में भुगतान भी बैंक खातों में भेजा जा चुका है। गेहूं की खरीद प्रक्रिया में जिन आधे से अधिक क्रय केंद्र प्रभारियों ने खाद्य विभाग को निराश किया है, वहां पर अभी तक गेहूं खरीद की बोहनी तक नहीं हो पाई है फिलहाल इसके बाद भी पिछले साल की तुलना में इस बार गेहूं खरीद के आंकड़े सम्मानजनक हैं।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि जिले में इस बार गेहूं की खरीद के लिए 64 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनके माध्यम से किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। हालांकि बाद में सरकार ने मोबाइल क्रय केंद्रों के माध्यम से भी गेहूं खरीद कराने का फैसला किया। इसके सार्थक परिणाम भी सामने आए और पिछले वर्ष की तुलना में इस बार गेहूं की खरीद में 250 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
पिछले वर्ष 2942 एमटी ही गेहूं की खरीद की जा सकी थी। जबकि इस बार 7200 एमटी गेहूं खरीदा जा चुका है। अभी भी गेहूं खरीद एक माह से अधिक समय तक चलेगी। इससे खरीद के आंकड़े में और वृद्धि होगी। राज्य सरकार की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को दिया जा रहा है। इसके अलावा बीस रुपए प्रति क्विंटल गेहूं की सफाई का खर्च भी उनके बैंक खाते में भेजा जा रहा है।
इस तरह किसानों को एक क्विंटल गेहूं के बदले कुल 2445 रुपये दिए जा रहे हैं। इसके अलावा भी यदि किसी एक किसान या फिर एक गांव में तीन सौ क्विंटल तक गेहूं मिलने की संभावना हो तो केंद्र प्रभारियों की ओर से गांव में ही तौल कराई जा रही है। किसानों को क्रय केंद्रों पर अपनी उपज लाने की भी जरूरत नहीं है। केंद्र प्रभारी किसानों के घरों के दरवाजे पर ही गेहूं खरीद कर इसके बदले में पूरा भुगतान बैंक खाते में भेज रहे हैं।