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Ayodhya News: मेडिकल कॉलेज में जांच ठप, मरीजों की जेब पर डाका

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अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में खून जांच व्यवस्था ध्वस्त है। थायराइड व इलेक्ट्रोलाइट जांच के बाद बृहस्पतिवार को सीबीसी व एचबीए-1सी जांच भी ठप हो गई। ऐसे में गंभीर रोगियों को निजी केंद्रों की शरण लेनी पड़ी। इन जांचों पर एक दिन में औसतन 3.65 लाख रुपये खर्च हुआ, जो मरीजों की जेब पर भारी पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना काफी संख्या में मरीज शुगर, ब्लड प्रेशर, किडनी, हार्ट समेत अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित होकर यहां पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में मरीजों को मधुमेह के तीन माह की औसत जांच के लिए एचबीए-1सी, खून की सामान्य जांच सीबीसी, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट आदि की सलाह दी जाती है। बृहस्पतिवार को हमारी टीम ने अस्पताल का जायजा लिया तो खून जांच व्यवस्था बेपटरी दिखी।
थायराइड व इलेक्ट्रोलाइट जांच पहले से बंद बताई गई। खून रखने का वॉयल न होने का हवाला देकर सीबीसी जांच नहीं की गई। किट खत्म होने की बात कहकर एचबीए-1सी जांच से भी हाथ खड़े कर लिए गए। ऐसे में दूरदराज से ओपीडी में आए रोगियों व भर्ती मरीजों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। काफी देर तक झिकझिक के बाद रोगी निजी केंद्रों पर जाकर जांच कराने को विवश हुए।
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इनसेट
अहम है इलेक्ट्रोलाइट व सीबीसी जांच
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार इलेक्ट्रोलाइट जांच शरीर में सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड और बाइकार्बोनेट जैसे तत्वों का संतुलन मापने के लिए की जाती है। यह तत्व धड़कन, दिमाग की कार्यप्रणाली, मांसपेशियों की गतिविधि और शरीर में पानी के संतुलन को नियंत्रित करते हैं। आईसीयू, डायलिसिस, हार्ट और किडनी के मरीजों के लिए यह जांच बेहद जरूरी है। पोटैशियम का स्तर बढ़ने या घटने से धड़कन अनियमित हो सकती है, जो जानलेवा भी हो सकती है। इसी तरह समय पर लगभग हर मरीज की सीबीसी जांच कराई जाती है, लेकिन सेवा न मिलने से रोगियों का इलाज प्रभावित हुआ।
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निजी केंद्रों पर चुकाए 350 से 600 रुपये
निजी केंद्रों पर सीबीसी जांच लगभग 350 रुपये में होती है। इसके अलावा एचबीए-1सी के लिए 500 रुपये, थायराइड के लिए 550 रुपये व इलेक्ट्रोलाइट के लिए लगभग 600 रुपये लिए जाते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 450 सीबीसी, 120 थायराइड, 140 एचबीए-1सी व लगभग इतनी ही इलेक्ट्रोलाइट जांच होती है। इस हिसाब से एक दिन में ही यहां आए रोगियों ने खून जांच के लिए लगभग 3.65 लाख रुपये गंवाए होंगे।
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जिला अस्पताल में भी ठप रही थायराइड जांच
जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र में लगी हार्मोनल एनेलाइजर मशीन खराब होने से यहां भी बृहस्पतिवार को थायराइड समेत हार्मोंस की अन्य जांच नहीं हो सकी। इसके लिए महिला अस्पताल से आईं गर्भवती महिलाओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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रोगियों ने गिनाई परेशानी
शहर के मुकेरी टोला निवासी कमर अब्बास (56) ने बताया कि शुगर का स्तर काफी बढ़ने पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में दिखाया था। डॉक्टर ने एचबीए-1सी, सीबीसी समेत कई जांच लिखी। पंजीकरण काउंटर पर गए तो बताया गया कि वॉयल न होने से सीबीसी जांच नहीं हो सकेगी। एचबीए-1सी जांच भी ठप है। मजबूरी में बाहर स्थित एक लैब पर जांच कराई, जहां दोनों जांच के लिए 800 रुपये देने पड़े। बस्ती निवासी प्रेम कुमार (45) को बीपी, शुगर समेत कई दिक्कतें होने पर भर्ती किया गया है। उनके भतीजे अतुल जांच स्लिप लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि कई जांच यहां नहीं हो पाई है। इलाज तो कराना ही है, इसलिए बाहर से ही जांच कराना पड़ेगा। पूराबाजार के भदौली निवासी अनिरुद्ध तिवारी अपनी रिश्तेदार आकांक्षा (20) को तेज बुखार व अन्य दिक्कतें होने पर लाए थे। अनिरुद्ध ने बताया कि डॉक्टर ने सीबीसी व अन्य कई जांच लिखी है। काउंटर से बताया गया कि आज सीबीसी का वॉयल नहीं है, इसलिए जांच नहीं हो पाएगी। इसी तरह कई अन्य मरीज भी जांच के लिए परेशान दिखे।
वर्जन...
सीबीसी के लिए लगभग 18 हजार वॉयल स्टॉक में रखा है। एचबीए-1सी किट भी उपलब्ध है। यदि यह दोनों जांच नहीं की गई तो घोर लापरवाही है। संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अन्य जांच के विषय में जानकारी की जा रही है।
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-डॉ. दिनेश कुमार सिंह, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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