अयोध्या। कई दिनों से शिकायतों के घेरे में चल रहे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा पर अंततः शासन से गाज गिर गई। उन्हें हटाकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनके स्थान पर कन्नौज राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉ. दिनेश सिंह को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया है।
साल भर पहले तैनात रहे प्रधानाचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर संविदाकर्मी प्रभुनाथ मिश्रा की मौत के अलावा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। उनके खिलाफ लोकायुक्त व शासन की जांच प्रचलित थी। इस कारण उन्हें महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। उनके स्थान पर यहीं पर तैनात रहे जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष व उप प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा को तैनात किया गया था।
कुछ दिन बॉस वह भी एक गुट के निशाने पर आने लगे। उनके खिलाफ एक-एक कर शिकायतें शासन तक जाने लगीं। दो माह पहले मेडिकल कॉलेज के ही छह विभागाध्यक्षों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री तक से शिकायत की। 16 दिसंबर को लोकायुक्त ने भी उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए। इसमें जौनपुर निवासी छात्र सागर पटेल की मौत समेत भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए गए थे।
26 दिसंबर को शासन से गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने कॉलेज में जाकर छानबीन की थी। इस बीच शुक्रवार को जारी शासन के आदेश में उन पर कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने तक उन्हें डीजीएमई कार्यालय से संबद्ध रहने का निर्देश दिया गया है।