मया बाजार। महराजगंज थाना क्षेत्र के दुगवा गांव के सामने सोमवार सुबह शारदा सहायक नहर किनारे झाड़ियों में 58 वर्षीय राजगीर मिस्त्री राम स्वारथ का शव पड़ा मिला। शरीर पर चोट के निशान थे। नाक से खून बह रहा था। गले में गमछा लिपटा था। शव को देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
पूरा कलंदर के फिरोजपुर निवासी राम स्वारथ राजगीर मिस्त्री थे। रविवार सुबह वह काम के सिलसिले में रामु का पुरवा गए थे, लेकिन घर नहीं लौटे। सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे दुगवा गांव के सामने शारदा सहायक नहर किनारे झाड़ियों में उनका शव पड़ा मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उनके गले में गमछा लिपटा था। चेहरे का एक हिस्सा काला पड़ गया था। नाक से खून बह रहा था और मुंह पर भी चोट के निशान थे। ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
राम स्वारथ के दो बेटे संजय और बृजेश तथा एक बेटी है। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने गांव के कोटेदार के माध्यम से परिवार को सूचना दी। सोमवार सुबह करीब 11 बजे परिजनों को घटना की जानकारी हुई। एसपी ग्रामीण राधेश्याम राय ने बताया कि जांच की जा रही है।
g भाई बोला- किसी से नहीं थी दुश्मनी : राम स्वारथ के छोटे भाई बसंत लाल ने बताया कि उनके भाई की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। रविवार को वह काम पर गए थे। बाद में जानकारी मिली कि वह रामु का पुरवा में काम कर रहे हैं। इसके बाद वह कहां गए और नहर किनारे कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। बसंत लाल के मुताबिक, कुछ महीने पहले राम स्वारथ ने रसूलाबाद गांव में एक खेत खरीदा था।