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Ayodhya News: प्रधानों के प्रशासक बनने के बाद एमडीएम के खाते अटके, बैंक लौटा रहे चेक

Tue, 18 Aug 2026 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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कंपोजिट विद्यालय डेरामूसी में भोजन करते बच्चे
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अयोध्या। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद उन्हें प्रशासक बनाए जाने का असर अब परिषदीय विद्यालयों की मध्याह्न भोजन (एमडीएम) व्यवस्था पर दिखने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में एमडीएम निधि खाते के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से बैंक ने विद्यालयों के चेक का भुगतान रोक दिया है। प्रधानाध्यापकों ने बीएसए को पत्र देकर बैंक को आवश्यक निर्देश जारी कराने की मांग की है।
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जिले के 1790 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.54 लाख के सापेक्ष 72 प्रतिशत बच्चों को रोजाना भोजन मिलता है। जिलाधिकारी या बीएसए ने जिले में एमडीएम बैंक खातों के संचालन के लिए अब तक कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं। पुराने बचे चेकों से फिलहाल कई विद्यालयों में काम चल रहा है, लेकिन भुगतान की व्यवस्था जल्द स्पष्ट नहीं हुई तो भोजन सामग्री की खरीद प्रभावित हो सकती है। इससे पहले ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में एमडीएम निधि खाते का संचालन प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से होता था।

इनसेट : केस-1

इब्राहिमपुर केदई में चेक भुगतान से बैंक ने किया इंकार
सोहावल शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय इब्राहिमपुर केदई के प्रधानाध्यापक मो. निजाम ने सोमवार को बीएसए को दिए पत्र में बताया कि ग्राम प्रधान को प्रशासक बनाए जाने के बाद ड्योढ़ी बाजार ग्रामीण बैंक एमडीएम के चेक का भुगतान नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि भुगतान रुकने से विद्यालय में बच्चों का भोजन बनवाने में परेशानी हो सकती है।
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इनसेट
केस-2

पिनावां में भी भुगतान अटकने से बढ़ी चिंता
सोहावल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिनावां की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सरोज ने बताया कि प्रधान के प्रशासक बनाए जाने के बाद बैंक एमडीएम के चेक का भुगतान नहीं कर रहा है। भोजन तैयार कराने के लिए सामग्री की खरीद जरूरी है।

इनसेट
सोहावल के प्रभारी बीईओ तारकेश्वर पांडेय ने कहा कि एमडीएम भुगतान में कोई दिक्कत नहीं है। यदि किसी बैंक शाखा ने भुगतान रोका है तो संबंधित विद्यालय इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराए।
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