तारुन। क्षेत्र में एक ईंट भट्टे पर काम करने वाली 20 वर्षीय विवाहिता शनिवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीररूप से झुलस गई। मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर के डॉक्टरों ने हालत गंभीर होते देखकर लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया है। तीन दिन पहले पति भी फांसी लगाने का असफल प्रयास किया था।
छत्तीसगढ़ के जिला बलौदाबाजार, थाना पलारी के घरघोल निवासी 20 वर्षीय प्रीति चंद्राकर पत्नी हरिशंकर अपने पति के साथ धर्मपुर घूरीटीकर गांव स्थित भट्टे पर काम करती है। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों ने प्रेम विवाह किया था। शनिवार देर शाम प्रीति अपने कमरे से आग की लपटों के बीच चिल्लाते हुए बाहर निकली। लोगों ने किसी तरह आग बुझाया। भट्ठा मालिक रामनाथ वर्मा ने निजी वाहन से उसे दर्शननगर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।सूचना पर बीकापुर के नायब तहसीलदार रामखेलावन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पीड़िता का बयान दर्ज किया। थाना प्रभारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि बीते बुधवार की रात 2:30 बजे पति हरिशankar चंद्राकर ने भी इसी कमरे में किन्हीं कारणों से फांसी लगा ली थी, जिसका इलाज दर्शननगर में चल रहा है। भट्ठा मालिक ने इस घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी थी। मौके पर हरिशंकर की बहन ममता चंद्राकर व मां भी मौजूद हैं। पुलिस दोनों घटनाओं को जोड़कर देख रही है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहनता से जांच कर रही है।