फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अयोध्या: राम मंदिर में नौ दिनों तक गूंजेंगे दुर्गा सप्तशती के मंत्र, नवनिर्मित मंदिर में होगी कलश स्थापना

Sat, 10 Oct 2026 08:20 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

अयोध्या स्थित राम मंदिर में नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती के मंत्र गूंजेंगे। नवनिर्मित दुर्गा मंदिर में पहली बार कलश स्थापना होगी। मां अन्नपूर्णा मंदिर में भी शक्ति आराधना का दरबार सजेगा। आगे पढ़ें विस्तार से...
विज्ञापन
राम मंदिर परिसर के परकोटा पर स्थापित मां दुर्गा का विग्रह - फोटो : ट्रस्ट
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रामनगरी अयोध्या में शारदीय नवरात्र के साथ ही भक्ति और शक्ति की आराधना का अनुष्ठान शुरू होने जा रहा है। राम मंदिर परिसर में नौ दिनों तक वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच शक्ति उपासना होगी। राम मंदिर के परकोटे में नवनिर्मित मां दुर्गा मंदिर और मां अन्नपूर्णा मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। दोनों मंदिरों में कलश स्थापना के साथ देवी आराधना शुरू होगी। इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ, यज्ञकुंड में हवन और विशेष पूजन से पूरा परिसर आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर रहेगा।

विज्ञापन


इस बार नवरात्र का अनुष्ठान राम मंदिर की परंपरा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का साक्षी बनेगा। अब तक कलश स्थापना राम मंदिर के गर्भगृह में की जाती रही है, लेकिन मां दुर्गा का मंदिर बनकर तैयार होने और वहां नियमित पूजा-अर्चना शुरू होने के बाद इस बार कलश स्थापना इसी मंदिर में होगी। मां अन्नपूर्णा मंदिर में भी कलश स्थापित कर नौ दिनों तक शक्ति की आराधना की जाएगी। दोनों मंदिरों में देवी उपासना के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव गोविंद देव गिरि सहित अन्य ट्रस्टी भी अलग-अलग दिनों में अनुष्ठान में शामिल होंगे। नौ दिनों तक चलने वाली यह साधना नवमी के दिन पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। इस दौरान राम मंदिर परिसर में देवी आराधना, वैदिक अनुष्ठान और रामनाम की भक्ति का संगम देखने को मिलेगा।

11 आचार्यों की टोली कराएगी अनुष्ठान

नवरात्र के नौ दिनों तक चलने वाले इस विशेष अनुष्ठान के लिए 11 आचार्यों की टीम लगाई गई है। दुर्गा सप्तशती के पारायण के साथ यज्ञकुंड में प्रतिदिन हवन-पूजन होगा। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच मां दुर्गा की आराधना की जाएगी।

रामरक्षास्तोत्र तथा राम सहस्रनाम से अर्चन होगा

आचार्य विट्ठल महाराज ने बताया कि राम मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित श्रीराम यंत्र के समक्ष वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस का पारायण किया जाएगा। वहीं, राम मंदिर के गर्भगृह और राम दरबार के गर्भगृह में रामरक्षास्तोत्र तथा राम सहस्रनाम से अर्चन होगा। इस तरह नवरात्र के दौरान परिसर के अलग-अलग मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर शक्ति आराधना के साथ श्रीराम की उपासना भी जारी रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें