अयोध्या। रामनगरी अयोध्या इस वर्ष एक बार फिर विश्व मंच पर अपनी आस्था, संस्कृति और गौरव का प्रकाश फैलाने जा रही है। सरयू तट के 56 घाटों पर लगभग 26 लाख दीपों के प्रज्जवलन के लिए 28 लाख दीये बिछाए जाएंगे, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करेगा। इस वर्ष आयोजन की विशेषता यह है कि पहली बार लक्ष्मण किला घाट को दीपोत्सव में शामिल किया गया है।
लक्ष्मण किला घाट पर पहली बार सवा चार लाख दीप प्रज्वलित होंगे। राम की पैड़ी और चौधरी चरण सिंह घाट पर करीब साढ़े चार लाख दीप जलाए जाएंगे। भजन संध्या घाट पर साढ़े पांच लाख दीपों की रोशनी से सरयू तट अलौकिक चमक बिखेरेगा। मुख्य आकर्षण राम की पैड़ी रहेगी। यहां 15 से 16 लाख दीपों की अविरल ज्योति से पूरा घाट जगमगा उठेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद दीप प्रज्ज्वलित कर इस भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बन जाएगा।
दीपोत्सव के नोडल अधिकारी अवध विश्वविद्यालय के प्रो. संत शरण मिश्र के निर्देशन में 22 समितियां गठित की हैं, जो दीपोत्सव के प्रत्येक पहलू की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इनमें समन्वय समिति, अनुशासन समिति,सुरक्षा समिति, दीप गणना समिति, यातायात समिति, स्वच्छता समिति, मीडिया एवं फोटोग्राफी समिति, प्राथमिक चिकित्सा समिति, साज-सज्जा एवं रंगोली समिति, वालंटियर व आईकार्ड समिति, पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण समिति शामिल है। सभी समितियों के संयोजक, सह-संयोजक एवं सदस्य दिन-रात अयोध्या को दिव्य स्वरूप देने के अभियान में लगे हुए हैं।
फैक्ट फाइल
- 33 लाख दीपों की कुल व्यवस्था।
- 75 हजार लीटर तेल की जरूरत होगी।
- 55 लाख रुई बत्तियां तैयार की जा रही हैं।
- 30 हजार स्वयंसेवकों को टोपी व टीशर्ट वितरित होंगी।
- 28 लाख दीप बिछाकर नया विश्व रिकॉर्ड रचा जाएगा।