अयोध्या। केंद्र सरकार की ओर से पारित किए जा रहे अधिवक्ता संशोधन बिल को लेकर अधिवक्ताओं ने मंगलवार को चक्का जाम किया। आयुक्त आवास के बाहर रामपथ पर कई घंटे तक मार्ग जाम होने से यातायात बाधित रहा। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री और कानून मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सूर्य नारायण सिंह व महामंत्री गिरीश तिवारी की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में काला कानून वापस लो, सरकार तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, अधिवक्ता एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगाए गए। इस दौरान लखनऊ-फैजाबाद मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। मार्ग के दोनों दिशाओं में बस व चार पहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। वकीलों ने एंबुलेंस के आवागमन को बाधित नहीं होने दिया। काफी देर बाद क्षेत्राधिकारी नगर व नगर कोतवाल पहुंचे, लेकिन वकीलों के आगे बेबस नजर आए। मालूम हो कि अधिवक्ता संशोधन बिल के खिलाफ कई दिनों से प्रदर्शन को लेकर रणनीति बन रही थी। इसे लेकर वकालतखाना के सभागार में मंगलवार को बैठक हुई। सर्वसम्मत से लखनऊ-फैजाबाद मार्ग जाम करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद फैजाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने वकालतखाना के सामने एकत्र होकर कचहरी परिसर में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया। बार एसोसिएशन के महामंत्री गिरीश तिवारी ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन वापस लेने के लिए जब तक केंद्र सरकार के किसी जिम्मेदार व्यक्ति का बयान नहीं आता, निरंतर इसका विरोध रणनीति बनाकर किया जाएगा। 27 फरवरी को सामान्य सदन की बैठक में विरोध करने के नये तरीके का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान चंद्रभान सिंह, वीरेंद्र मिश्रा, राजीव तिवारी, ऋषि कुमार मिश्रा, ममता सिंह, अरविंद पांडेय, माधव कृष्ण, पूर्णिमा सिंह, पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।