32- कोविदार पौधरोपण अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले लोगों को सम्मानित करते संत- संगठन
अयोध्या। रामनगरी से रामराज्य की संकल्पना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कोविदार पौधरोपण अभियान को अब व्यापक स्वरूप देने की तैयारी है। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से चलाए जा रहे ‘राम राज्य संकल्प वृक्ष’ अभियान के तहत अयोध्या परिक्षेत्र की ग्रामसभाओं में कोविदार के पौधे लगाए जा रहे हैं। अब अयोध्या में कोविदार वन विकसित करने की तैयारी है, वहीं इस अभियान को पूरे देश में प्रसारित करने की योजना है।
संस्था के अनुसार अभियान के तहत अब तक करीब 600 स्थानों पर कोविदार के पौधे रोपे जा चुके हैं। अभियान के साथ नशामुक्ति और संस्कार निर्माण का संदेश भी दिया जा रहा है। दर्शननगर स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय परिसर में अभियान की समीक्षा बैठक हुई। मुख्य अतिथि कच्छ से पधारे गुर्जर क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष विनोद भाई सोलंकी ने कहा कि रामराज्य की संकल्पना को गांव-गांव तक पहुंचाने का यह अभियान सराहनीय है। अयोध्या क्षेत्र में कोविदार उपवन विकसित करने की संकल्पना को पूरा करने में हम सहयोग करेंगे। विशिष्ट अतिथि बीके बाबूलाल भाई ने बताया कि इस अभियान को प्रत्येक ग्रामसभा तक पहुंचाने का लक्ष्य है। अभियान से जुड़े इंजीनियर रवि तिवारी ने बताया कि पिछले एक वर्ष से लगातार लोग इससे जुड़ रहे हैं और समाज के सहयोग से मुहिम को विस्तार मिल रहा है। समारोह में विनोद भाई, चंद्रेश भाई सहित बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमार एवं ब्रह्माकुमारी माताएं-बहनें मौजूद रहीं।
राम मंदिर के धर्मध्वज पर कोविदार का चिह्न
- कोविदार को प्राचीन परंपरा में सूर्यवंश और इक्ष्वाकु वंश के राजचिह्न से जोड़कर देखा जाता है। राम मंदिर के शिखर पर लहरा रहे धर्म ध्वज पर भी कोविदार का चिह्न अंकित है। इसी सांस्कृतिक प्रतीक को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए अयोध्या में कोविदार उपवन विकसित करने की भी योजना है। ब्रह्माकुमार बीके मुकेश ने बताया कि अयोध्या में अब तक करीब 600 कोविदार रोपित किए जा चुके हैं। अयोध्या से शुरू हुई इस मुहिम को देशभर के गांवों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।