बीकापुर। कोतवाली क्षेत्र के बेनीपुर खिदिरपुर अग्निकांड मामला तूल पकड़ रहा है। ब्राह्मण संगठनों के बाद शुक्रवार शाम करणी सेना भी पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मामले को फर्जी करार दिया। वहीं, कोतवाली पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की।
बेनीपुर में 14 अप्रैल को आग से दलितों के तीन छप्पर जल गए थे। प्रकरण में 11 ब्राह्मणों पर दलित एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरू सिंह और उपाध्यक्ष सनी सिंह ने पीड़ितों से घटना की जानकारी ली। कोतवाली जाकर करणी सेना के पदाधिकारियों ने सीओ सुनील सिंह, कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह से मुलाकात की। बताया कि 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर आतिशबाजी से आग लगी थी, जिसके बाद रंजिश के चलते ब्राह्मण समुदाय के करीब एक दर्जन लोगों को आगजनी में नामजद किया गया।
शिक्षा ग्रहण कर रहे युवकों और बुजुर्गों पर रिपोर्ट लिखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। करणी सेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि भूमि विवाद के चलते ब्राह्मणों का उत्पीड़न हो रहा है और उन पर फर्जी मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। अन्यायपूर्ण बताते हुए एसआईटी जांच की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।