राममंदिर में कन्या पूजन करते ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास।
अयोध्या। विजयदशमी पर मंगलवार को राम मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान हुए। श्रीरामलला का पंचामृत से महाभिषेक कर शस्त्र पूजन किया गया। मध्याह्न में राजभोग के दौरान रामलला को छप्पन भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार कन्या पूजन की पहल की। मंदिर परिसर की यज्ञशाला में 18 कन्याओं के चरण पखारकर उनका पूजन किया गया। इसके बाद उन्हें चुनरी भेंटकर सम्मानित किया गया और ससम्मान भोजन कराया गया। कन्याओं को फल, चॉकलेट, टॉफी, स्टेशनरी सामग्री और दक्षिणा भी भेंट की गई।
सुबह गर्भगृह में विराजमान श्रीरामलला का दूध, दही, घी, शक्कर और नारियल जल से विधि-विधानपूर्वक महाभिषेक किया गया। इसके बाद शास्त्रोक्त विधि से शस्त्र पूजन हुआ। मंदिर परिसर स्थित दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के शस्त्रों का भी पूजन किया गया।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मीडिया सलाहकार सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि अनुष्ठान में ट्रस्ट के न्यासी एवं निर्मोही अखाड़े के महंत स्वामी दिनेंद्र दास मुख्य यजमान रहे। आचार्य केशव और भवानी सिंह ने धार्मिक विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। इस दौरान ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले और न्यासी कृष्ण मोहन भी मौजूद रहे।
एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन राम मंदिर में विधि-विधान से कलश स्थापना की गई थी। नवरात्र के दौरान पांच अर्चकों ने शतचंडी पाठ किया। नवमी तिथि पर दशांश हवन और पूर्णाहुति के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ। विजयदशमी पर राम मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दिन एक लाख पांच हजार 224 श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।