फोटो-07-पुहपी ग्राम पंचायत में गड़बड़ी
बीकापुर। ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा कार्यों के मस्टर रोल के जरिए मजदूरों की दर्शाई गई हाजिरी में काफी असमानता दिखाई दे रही है। कच्चे कार्यों में मस्टर रोल की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। नेशनल मोबाइल मॉनीटरी सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप के माध्यम से ब्लॉक क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों पुहपी और चौरे चंदौली में मनरेगा से कराए जा रहे कच्चे कार्य की 28 जनवरी को मस्टर रोल की जांच की गई जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इसके पहले भी फर्जी हाजिरी के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ब्लॉक कार्यालय पर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है फिर भी प्रभावी निगरानी नहीं के बराबर है।
बीकापुर ब्लॉक क्षेत्र के चौरे चंदौली ग्राम पंचायत में ठगवापुर के तालाब की खुदाई का कार्य दर्शाया गया है। 28 जनवरी को तीन मस्टर रोल पर कुल 18 मजदूरों की हाजिरी लगाई गई है। जिसमें मस्टर रोल संख्या-5995 में 08 मजदूर उपस्थित हुए हैं। जिसमें पांच महिला और तीन पुरुष की हाजिरी है। इसी प्रकार मस्टर रोल संख्या-5961 में मजदूरों की संख्या तीन है सभी महिला मजदूर हैं। मस्टर रोल संख्या-5960 में कुल सात मजदूर की हाजिरी लगी है। जिसमें तीन महिला और चार पुरुष मजदूरों की उपस्थिति दर्शाई गई है। लेकिन पोर्टल पर अपलोड की गई फोटो में दिख रहा है कि सभी मास्टर रोल में मजदूर वही हैँ। कपड़े और चेहरे भी एक जैसे हैं। जो इसके पारदर्शिता पर प्रश्न खड़ा कर रहा है।
बीकापुर ब्लॉक की पुहपी ग्राम पंचायत में और भी गड़बड़ी दिख रही है। यहां 28 जनवरी को दूधनाथ के खेत से सनोहर के खेत तक नाले की खुदाई का कच्चा कार्य दर्शाया गया है। तीन अलग-अलग मास्टर रोल पर कुल 29 मजदूरों के हाजिरी दिखाकर फोटो मनरेगा पोर्टल पर अलग-अलग मस्टर रोल का अपलोड किया गया है। मस्टर रोल संख्या-5836 में नौ मजदूरों की हाजिरी लगाई गई है जिसमें छह पुरुष और तीन महिला हैं। इसी तरह मस्टर रोल संख्या-5835 में 10 मजदूरों की उपस्थिति है। जिसमें छह महिला और चार पुरुष हैं। इसी प्रकार मस्टर रोल -5834 में मजदूरों की संख्या 10 है। जिसमें चार महिलाएं और छह पुरुष हैं। पोर्टल पर अपलोड की गई फोटो में मजदूरों की स्थिति में काफी असमानता है। मस्टर रोल संख्या-5834 में चार महिलाओं और छह पुरुष को दर्शाया गया है। लेकिन अपलोड की गई फोटो में सभी 10 मजदूर पुरुष दिख रहे हैं। कोई भी महिला मजदूर अपलोड की गई फोटो में नहीं है जो फर्जी हाजिरी का संकेत है।
महिलाओं और पुरुषों के हाजिरी में हेराफेरी
मनरेगा के कच्चे कार्यों में जिओ टैग करके मजदूरों के कार्य और हाजिरी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड की जा रही है। पुरुषों के स्थान पर महिलाओं की फोटो और महिलाओं के स्थान पर पुरुषों की फोटो अपलोड हो रही है। जो निगरानी व्यवस्था फेल होने का संकेत देती है। इतना ही नहीं महिलाओं और पुरुषों के हाजिरी में हेराफेरी दिख रही है। कई मस्टर रोल में तो एक ही दिन में अलग-अलग अपलोड की गई मजदूरों की हाजिरी की फोटो में एक ही कपड़े में एक ही पुरुष और महिला श्रमिक अलग-अलग मास्टर रोल में अलग-अलग एंगल में खड़े दिख रहे हैं।