अयोध्या। शहर के सिविल लाइन स्थित अवध ऑर्थो सेंटर की शिकायत के बाद जांच करने स्वास्थ्य विभाग की टीम सोमवार को पहुंची। इस दौरान अस्पताल संचालक व आईएमए के पदाधिकारियों की जांच टीम से बहस व नोकझोंक हुई। आईएमए ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं।
शहर के अमानीगंज निवासी भाजपा नेत्री मधु पाठक ने अवध ऑर्थो सेंटर के डॉ. अब्दुस्सलाम के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाए थे कि उनके पैर का ऑपरेशन करने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली है। इलाज में लगभग तीन लाख रुपये खर्च होने के बावजूद उनके पैर में डाली गई प्लेट टूट गई, जिससे उन्हें लखनऊ में दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा। इसकी जांच के लिए सीएमओ ने नोडल अधिकारी डॉ. संदीप शुक्ला के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।
सोमवार की दोपहर जांच टीम अवध ऑर्थो सेंटर पहुंची, इसी बीच आईएमए के पदाधिकारी सीएमओ कार्यालय में जाकर रुदौली के अली हॉस्पिटल के खिलाफ हुई कार्रवाई पर रोष जता रहे थे। इसी बीच टीम के पहुंचने की सूचना पर आईएमए पदाधिकारी अवध ऑर्थो सेंटर पहुंचे और गलत ढंग से जांच का आरोप लगाया। जांच टीम में शामिल डॉ. अरविंद सिंह से भी उनकी बहस हुई।
जांच टीम के जाने के बाद आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरके बनौधा ने कहा कि सीएमओ कार्यालय धन उगाही का कार्य कर रहा है। इसलिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को टारगेट किया जा रहा है। झोलाछाप डॉक्टरों व अकुशल चिकित्सकों का पंजीकरण हो गया। कुशल चिकित्सकों के नर्सिंग होम के पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है, लेकिन जान-बूझकर नहीं किया जा रहा है। हॉस्पिटल को बिना समुचित नोटिस के सील कर दिया गया। अली हॉस्पिटल को भी इसी तरह से सील किया गया है। आईएमए इसके खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा। यदि अस्पताल नहीं खोला गया तो आईएमए बैठक के बाद हड़ताल करेगा। सीएम योगी के समक्ष धरना-प्रदर्शन भी करेगा। स्वास्थ्य विभाग की यह गुंडागर्दी है। वहीं, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बनियान ने बताया कि आरोप निराधार है। शिकायत की जांच के लिए कमेटी गई थी।