अयोध्या। यश पेपर मिल में इंजीनियर आशीष की मौत के मामले में पुलिस ने दूसरे दिन सोमवार को जांच तेज कर दी। पुलिस ने छह नामजद आरोपियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। टीम ने मिल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ साक्ष्य भी जुटाए। पुलिस ने मृतक के लैपटॉप की जांच की है। वहीं, मोबाइल फोन अभी ऑन नहीं किया गया है। परिजनों की मौजूदगी में मोबाइल खोलकर उसकी जांच किए जाने की बात सामने आई है।
जांच के दौरान पुलिस ने आशीष के बैंक खाते की डिटेल भी मांगी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके खाते से किन लोगों के साथ लेनदेन हुआ था। यश पेपर मिल में जिस स्थान पर इंजीनियर आशीष का शव मिला था, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। ऐसे में पुलिस आसपास लगे कैमरों की फुटेज और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, आशीष का अभिषेक के अलावा कुछ अन्य लोगों से भी लेनदेन था। यह भी चर्चा है कि आशीष शेयर बाजार में रुपये निवेश करता था। पुलिस उसके वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
आशीष के चाचा रसीक बिहारी शिवहरे ने बताया कि सोमवार को आशीष का अंतिम संस्कार कर दिया गया। छोटे भाई अभिषेक ने मुखाग्नि दी। उन्होंने बताया कि बुधवार को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंचेंगे।
इलाज के लिए मांगा था छह से सात लाख का लोन
सूत्रों के मुताबिक, आशीष ने परिवार के एक सदस्य के इलाज के लिए कंपनी के शीर्ष अधिकारी से करीब छह से सात लाख रुपये लोन के रूप में मांगे थे। इसके लिए उसने कंपनी में मेल भी किया था। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर सकती है कि आशीष ने कंपनी से आर्थिक मदद क्यों मांगी थी।
गणेश चतुर्थी पर नहीं मिली थी छुट्टी
मृतक की बहन ज्योति ने आरोप लगाया कि सीनियर अभिषेक लगातार आशीष का उत्पीड़न करते थे। उनके मुताबिक, आशीष कई बार बताता था कि उससे तय ड्यूटी समय से अधिक काम कराया जाता था। ज्योति ने बताया कि परिवार में गणेश चतुर्थी पर दस दिन तक मूर्ति स्थापित की जाती है, लेकिन छुट्टी मांगने के बावजूद उसे अवकाश नहीं दिया गया। पुलिस इन आरोपों समेत मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।