भदरसा में अंधेरगर्दी, प्राइमरी स्कूल की जमीन भी नहीं छोड़ी
आरक्षित की गई 13 में से सिर्फ चार बिस्वा जमीन पर बना विद्यालय परिसर, बाकी पर अवैध कब्जे
पड़ोस में बना जेएबी कॉलेज भी जांच के जद में, प्रस्तावित खेल मैदान पर दुकानों का संचालन
अयोध्या। नगर पंचायत भदरसा भरतकुंड में अंधेरगर्दी की हद कर दी गई। अभी तक तालाब, चकरोड, कब्रिस्तान व श्मशान समेत अन्य सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले सामने आ रहे हैं। नए खुलासे में पता चला है कि यहां पर प्राइमरी स्कूल की जमीन को भी नहीं छोड़ा गया। इसके लिए प्रस्तावित 13 में से सिर्फ चार बिस्वा जमीन पर ही विद्यालय परिसर है, बाकी पर अवैध कब्जे हैं। पड़ोस में बना जेएबी इंटर काॅलेज भी जांच की जद में आ गया है। प्राइमरी स्कूल के प्रस्तावित खेल मैदान पर भी कब्जा कर दुकानों का संचालन किया जा रहा है।
भदरसा क्षेत्र की एक किशोरी के साथ सपा के नगर अध्यक्ष मोईद खान और उसके नौकर की ओर से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात के बाद आरोपी की अवैध संपत्तियों की जांच चल रही है। इसी कड़ी में दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिजनों को धमकाने के आरोपी नगर पंचायत अध्यक्ष राशिद खान के खिलाफ भी जांच की जा रही है। एडीएम एफआर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने चेयरमैन से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल की है। इसी कड़ी में नगर पंचायत कार्यालय के अभिलेखों की भी जांच की गई।
इसी टीम ने भदरसा के प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर जब यहां पैमाइश कराई तो अफसर अवाक रह गए। पता चला कि यहां पर तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अधिकारों का दुरुपयोग कर खूब मनमानी करवाई है। न सिर्फ स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जे कर निर्माण करवाए गए हैं बल्कि फुलवरिया गांव जाने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया गया है। यहां पर अवैध तरीके से जिन दुकानों का संचालन किया जा रहा है, उन पर भी नगर पंचायत की ही मेहरबानी है।
स्कूल में कैद रहने को मजबूर बच्चे, अंदर से बंद करना पड़ता है ताला
भदरसा के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की बेबसी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां पर भीतर से मुख्य द्वार पर ताला बंद करके रखना पड़ा है। इस बारे में प्रभारी प्रधानाध्यापक शबीना कयूम ने बताया कि स्कूल के सामने दुकानों पर लोगों की भीड़ रहती है, इसलिए ऐसा करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में स्कूल परिसर के एक हिस्से को कब्जा कर घर बनवा लिया गया था। तत्कालीन एसडीएम ज्योति सिंह के प्रयास से इसे ध्वस्त किया गया। यहां पर अब दीवार के साथ एमडीएम शेड बनवाया गया है। इसमें बच्चे दोपहर का भोजन करते हैं।
प्राथमिक विद्यालय की जमीन पर अवैध कब्जे की जांच की गई है। तीन सदस्यीय टीम की ओर से यहां पैमाइश भी करवाई गई है। अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है। इसके आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। उनके निर्देशों के आधार पर अवैध कब्जों के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी। अशोक सैनी, उप जिलाधिकारी, सोहावल