अयोध्या। वृंदावन के धर्मगुरु रितेश्वर महाराज रविवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कुछ लोगों ने विवादित टिप्पणियां की हैं। इन लोगों ने न कभी रामायण पढ़ी है और न ही संस्कृत। इन लोगों को प्राचीन भारतीय संस्कृति की जानकारी नहीं है।
भगवान श्रीराम जन-जन की आस्था के केंद्र हैं। उन पर अशोभनीय टिप्पणी करना अनुचित है। प्रधानमंत्री के पूजा में बैठने पर आपत्ति के सवाल पर कहा कि कोई भी व्यक्ति ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास आश्रमों में जीवन व्यतीत कर हर तरह की पूजा करता है। नैतिक रूप से अस्थिर लोगों का एक संप्रदाय है जो जाने-अनजाने भगवान राम की छवि को धूमिल कर रहा है। पश्चिम बंगाल, पुरीला में हुए साधुओं पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह सांत्वना और धार्मिक समृद्धि के सिद्धांतों पर सीधा हमला है। समाज को इस प्रकार की घटनाओं से बचाव के लिए साथ मिलकर काम करना होगा ताकि हम अपने धार्मिक विरासत को सुरक्षित रख सकें। संवाद