अयोध्या। विवाहिता से दहेज उत्पीड़न के मामले में अदालत ने पति अंशुमान सिंह और सास रीता को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों की विशेष अदालत की मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह ने यह फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, महाराजगंज थाना क्षेत्र के राजेपुर निवासी अंशुमान सिंह का विवाह तृप्ति के साथ 18 मई 2022 को हुआ था। आरोप था कि तृप्ति के पिता ने शादी में पर्याप्त दहेज दिया था, इसके बावजूद उसे कम दहेज लाने के लिए प्रताड़ित किया गया। तृप्ति के पिता की तहरीर पर महिला थाना में अंशुमान सिंह और रीता के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर सका। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद अदालत ने दोनों को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।