फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ayodhya News: संघर्ष से पहचान गढ़ रहीं नारी शक्तियों का सम्मान

Wed, 12 Aug 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। कामयाबी की हर कहानी के पीछे संघर्ष की एक अनकही दास्तां होती है। चुनौतियों से जूझते हुए अपनी राह बनाने और अपने कार्यों से समाज में अलग पहचान कायम करने वाली ऐसी ही 26 नारी शक्तियों को मंगलवार को अमर उजाला की ओर से देवकाली स्थित एक होटल में आयोजित प्रथमा समारोह में सम्मानित किया गया।
विज्ञापन

चिकित्सा, शिक्षा, प्रशासन, साहित्य, खेल, समाजसेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में महिलाओं के संघर्ष, स्वाभिमान, सामर्थ्य और उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, नामित पार्षद सुनीता गुप्ता और डिप्टी एसपी व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज रंजना गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षाविद, इतिहासकार, समाजसेवी, छात्राएं, साहित्यकार और खिलाड़ी समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन

प्रथमा में सम्मान का सिलसिला शुरू हुआ तो मंच पर एक-एक कर संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियां सामने आती गईं। किसी ने अपने हुनर को दूसरों की आजीविका का जरिया बनाया तो किसी ने निजी मुश्किलों से उबर कर समाजसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।
किसी ने शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई तो किसी ने खेल, साहित्य और प्रशासन के क्षेत्र में उपलब्धियों का परचम लहराया।सम्मान के उन पलों में मंच पर केवल उपलब्धियां ही नहीं थीं, बल्कि उनके पीछे वर्षों की मेहनत, संघर्ष और धैर्य की कहानी भी दिखाई दे रही थी।
तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सम्मान ग्रहण करती महिलाओं के चेहरों पर संतोष और आत्मविश्वास नजर आया। उनकी आंखों में उस लंबे सफर की झलक थी, जिसने उन्हें चुनौतियों से लड़ते हुए सफलता के इस मुकाम तक पहुंचाया। इस समारोह ने यह संदेश भी दिया कि परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर महिलाएं न केवल अपनी पहचान बना सकती हैं, बल्कि समाज के लिए बदलाव की मजबूत मिसाल भी कायम कर सकती हैं।


महिलाओं के सामर्थ्य और नेतृत्व को पहचानने का है समय : प्रियंका
राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि महिलाओं के उत्थान के लिए उन्हें एक-दूसरे का सहारा बनना होगा। किसी महिला में प्रतिभा दिखे तो उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दूसरी महिलाओं को भी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रगति में पिता, भाई और पति की भूमिका भी अहम है। जीवन में मुश्किलें आएं तो हार मानने के बजाय फिर खड़े होना ही असली शक्ति है। अब समय महिलाओं के सामर्थ्य और नेतृत्व को पहचानने का है। महिलाओं को शक्ति स्वरूपा मानने से अधिक जरूरी है कि उन्हें सम्मान, समान अवसर और अधिकार दिए जाएं।

बच्चों को सही दिशा दें, मेहनत का महत्व समझाएं : रोली सिंह
जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने कहा कि युवाओं को भटकाव और दिखावे से बचाने के लिए अभिभावकों को उनकी पढ़ाई के साथ गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए। सफलता मेहनत, त्याग और धैर्य से मिलती है, इसलिए बच्चों को सही दिशा देना परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। वहीं, डिप्टी एसपी व अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज रंजना गुप्ता ने बताया कि 13 लाख रुपये की राइफल खरीदने के लिए संसाधन नहीं थे। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद लोगों ने करीब 6.50 लाख रुपये सहयोग किया, बाकी राशि परिवार ने जुटाई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।


इन महिलाओं को मिला सम्मान
डॉ. जयंती चौधरी, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. स्वाति शुक्ला, सरिता गुप्ता, निधि सिन्हा, डॉ. ऋचा गुप्ता वर्मा, सरिता वर्मा, ममता श्रीवास्तव, ऋचा उपाध्याय, डॉ. मंजूषा पांडेय, डॉ. स्वदेश मल्होत्रा, कुमारी हिमांशु, डॉ. पूजा, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. शालिनी चौहान, आकांक्षा त्रिपाठी, अल्पना वर्मा, आकृति तिवारी, अनन्य राय, सोनी पासवान, नेहा, ममता खत्री, आरती, किरन, आशा पांडेय और जैनब।


इनका रहा सहयोग
संत गीतांजलि चिकित्सालय एवं शोध संस्थान, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, जय इन्फ्रा सिटी प्राइवेट लिमिटेड, मेडिसिटी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मंजूषा मेडिकल रिसर्च सेंटर, वेल ब्यू हॉस्पिटल, डीआरएम पब्लिक स्कूल, डॉ. पूजा स्किन क्लीनिक, सीएस इन्फ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड, केएम शुगर मिल मसौधा, पक्का लिमिटेड और अमृत बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड का सहयोग रहा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें