अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की विवेचना अदालत की निगरानी में कराए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ की ओर से दाखिल मॉनिटरिंग प्रार्थना पत्र पर शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा गया।
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने अभियोजन अधिकारी की मांग स्वीकार करते हुए आपत्ति दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख तय की गई है।
अधिवक्ता संघ के महामंत्री शैलेंद्र जायसवाल की ओर से दाखिल मॉनिटरिंग प्रार्थना पत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव रहे चंपत राय, ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।
अदालत ने पूर्व में अभियोजन पक्ष को अधिवक्ता संघ के प्रार्थना पत्र की पोषणीयता पर आपत्ति दाखिल करने का निर्देश दिया था। शनिवार को विशेष अभियोजन अधिकारी ने आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए और समय मांगा, जिस पर अदालत ने अंतिम अवसर देते हुए 29 अगस्त को सुनवाई निर्धारित कर दी।