मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी।
अयोध्या। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ) इंडिया की ओर से रविवार को एनआरपी दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज दर्शननगर और जिला महिला अस्पताल स्थित सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षित हुए।
जिला महिला अस्पताल में कार्यक्रम के दौरान एसएनसीयू प्रभारी डॉ. सविता बांदिल ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को जीवनरक्षक पुनर्जीवन तकनीकों में प्रशिक्षित करना है। बताया कि देश में नवजात मृत्यु एक गंभीर समस्या है, जिसका एक बड़ा कारण जन्म के समय शिशु का सांस न ले पाना है। प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी समय पर सहायता से इसे रोककर हो सकने वाली मौतों को टाला जा सकता है। यह प्रशिक्षण महानगरों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंचा है।
वहीं, राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि 40 प्रतिभागियों को ''''बेसिक नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम'''' में प्रशिक्षित किया गया है। इसमें बालरोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग और एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर, एसएनसीयू, एनआईसीयू और नर्सिंग स्टाफ शामिल थे। कार्यक्रम में डॉ. पीयूष आनंद, रोहित यादव, अशोक चौरसिया, अवधेश वर्मा आदि मौजूद रहे।