अयोध्या। स्टेट जीएसटी की तमाम सख्ती के बावजूद आयरन-स्टील लदे वाहनों में जीएसटी चोरी नहीं थम रही है। सचल दल ने तीन माह में ही ऐसे 80 वाहनों में कर चोरी पकड़ी है, जिनसे 2.26 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं।
अयोध्या जोन में सचल दल की पांच टीमें हर माह मालवाहक वाहनों की जांच करती हैं। इनमें कर चोरी मिलने पर उनसे जुर्माना या अन्य मदों में राजस्व जमा कराया जाता है। इन टीमों ने जुलाई से सितंबर तक 19,297 वाहनों की जांच की है, जिनमें 443 वाहनों में कर चोरी पकड़ी है। इनसे 3.49 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 2.26 करोड़ रुपये सिर्फ आयरल-स्टील लदे 80 वाहनों से जमा कराए गए हैं। इसके अलावा पान-मसाला और रेडीमेड कपड़े आदि के वाहनों में चोरी पकड़ने पर राजस्व संग्रह किया गया है।
इस तरह होती है कर चोरी
ऐसे मामलों में व्यापारी टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ पाने के लिए बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान जारी करते हैं। कई मामलों में ई-वे बिल नहीं होता है या एक ही ई-वे बिल से माल की आपूर्ति की जाती है। ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिनमें व्यापारी कंपनियों से सामान खरीदकर अपने प्रतिष्ठान पर न लाकर सीधे बेच देते हैं और पकड़े जाने पर कंपनी से जारी ई-वे बिल दिखाकर सचल दल को गुमराह करते हैं।
आयरन-स्टील लदे वाहनों में बड़े पैमाने पर कर चोरी पकड़ी जा रही है। कई मामलों में तो ई-वे बिल में गड़बड़ी करके व्यापार की पुष्टि हुई है। ऐसी कई फर्मों की जांच के लिए पत्राचार किया गया है। कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर व्यापार करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
-अमित मोहन, अपर आयुक्त ग्रेड-2, अयोध्या जोन