अयोध्या। सीतापुर आंख अस्पताल परिसर में बहु प्रतीक्षित 300 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए मंगलवार को भूमिपूजन हुआ है। जल्द ही निर्माण की रफ्तार तेज करके परियोजना पूर्ण करने का दावा किया गया है। इससे आमजन को चिकित्सा के क्षेत्र में एक और सौगात मिलेगी।
राम मंदिर बनने के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के पास ही सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य समेत कई अधिकारियों ने दौरा किया तो मंदिर के आसपास 500 बेड अस्पताल के लिए जगह नहीं मिल सकी। इसके बाद रामपथ पर साहबगंज के पास स्थित सीतापुर आंख अस्पताल के पुराने और निष्प्रयोज्य भवन पर प्रशासन की नजर पड़ी तो इसके भी दिन बहुर आए।
साल भर पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां 163 करोड़ से 300 बेड का अस्पताल बनवाने का निर्णय लिया था। 28 जून, 2025 को 48 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हुई थी। हालांकि, बगल में ही गुलाबबाड़ी की प्राचीन धरोहर स्थित होने के कारण एनओसी के लिए प्रक्रिया लटक गई थी। अमर उजाला के मुद्दा उठाने के बाद इस दिशा में भी तेजी आई।
एनओसी मिलने के बाद मंगलवार को ही लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता एसके त्रिपाठी, अवर अभियंता पंकज कुमार, निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक दिलीप सिंह, शैलेंद्र सिंह आदि ने भूमिपूजन किया है। उन्होंने बताया कि निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नींव भराई का कार्य पहले दिन ही शुरू कर दिया गया है। परिसर पूरी तरह खाली कराने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। इस मौके पर डॉ. वीरेंद्र वर्मा, डॉ. साकेत गुप्ता, डॉ. शशि वर्मा, डॉ. शशि शुक्ला आदि मौजूद रहे।
इनसेट होंगे यह कार्य
मुख्य चिकित्सालय भवन, भूतल पर 225 कार क्षमता की पार्किंग, बेसमेंट में रेडियोलॉजी, मेडिकल सर्विसेज और पार्किंग, अपर ग्राउंड फ्लोर पर इमरजेंसी के लिए 26 बेड, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय तल पर 20 बेड का एसएनसीयू, 39 बेड का एमएनसीयू और छह बेड का एनआईसीयू, तृतीय और चतुर्थ तल पर 160 बेड का जनरल वार्ड, पंचम तल पर आईसीयू बेड और प्राइवेट वार्ड, छठवें तल पर ओटी, सातवें तल पर प्रशासनिक विभाग बनेगा। दूसरी साइट में 22 बेड का नर्स हॉस्टल, टाइप-दो के 36 आवास, टाइप-तीन के चार और चिकित्साधिकारी के लिए 20 आवास, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी के लिए टाइप-पांच के चार आवास बनेंगे।