अयोध्या। जीआईसी परिसर में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान समारोह में सरकार ने मातृशक्तियों को लेकर अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ओर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, पांच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा, स्मार्टफोन और साड़ी जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया तो दूसरी ओर उनके काम को बच्चों के पोषण और स्वस्थ भारत की बुनियाद से जोड़कर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। अयोध्या में छह जिलों से करीब 12 हजार कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मौजूदगी ने इस आयोजन के व्यापक सामाजिक और राजनीतिक महत्व को भी रेखांकित किया। सरकार ने आंगनबाड़ी नेटवर्क को केवल पोषण व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय मातृशक्ति और ग्रामीण परिवारों तक पहुंच के महत्वपूर्ण माध्यम के तौर पर पेश किया।
यशोदा मइया से तुलना कर दिया बड़ा संदेश
चुनाव से पहले मानदेय, स्वास्थ्य सुविधा और संसाधनों पर जोर इसी जमीनी नेटवर्क के जरिये सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का संदेश आगे पहुंचाने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की गांव-गांव मौजूदगी उन्हें सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बनाती है। ऐसे में सम्मेलन में उनकी भूमिका को यशोदा मइया से जोड़ना और सुविधाओं के विस्तार को उपलब्धि के तौर पर पेश करना महज विभागीय कार्यक्रम से आगे का संदेश देता है।
इनको मिला मंच से सम्मान
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता : सुनीता पांडेय, ममता पांडेय, नीलम यादव,
आंगनबाड़ी सहायिका : सोनी साहू, अर्चना मिश्रा, ज्योति निषाद, अमृता निषाद
मोहिनी पाल (इंटर में 82.02 प्रतिशत अंक) – प्रशस्ति पत्र व बैग
भाविनी शर्मा (हाईस्कूल में 89.16 प्रतिशत अंक) - प्रशस्ति पत्र व बैग
देवेश यादव (हाईस्कूल में 77 प्रतिशत अंक) - प्रशस्ति पत्र व बैग
नीलांशु - प्रशस्ति पत्र व बैग
प्रियंका उपाध्याय - प्रशस्ति पत्र व बैग
प्रियंका प्रजापति – प्रशस्ति पत्र व बैग
सफलता (अधीक्षिका राजकीय बाल गृह बालिका, लखनऊ) - प्रशस्ति पत्र
नीतू सिंह (पर्यवेक्षक राजकीय बाल गृह बालिका, प्रयागराज) - प्रशस्ति पत्र
अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मान एवं नियुक्ति पत्र वि
अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सम्मान एवं नियुक्ति पत्र वि