राम मंदिर में दान की राशि के गबन की जांच जारी।
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राम मंदिर के निर्माण सहायक गोपाल राव से फिलहाल पूरी जिम्मेदारी ले ली गई है। जल्द उन पर गाज गिर सकती है। उनसे भी इस्तीफा लिया जा सकता है। जब से पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है तब से गोपाल राव अयोध्या में नहीं है। उनको दिल्ली बुलाए जाने की चर्चा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गोपाल राव का नाम लगातार चर्चा में है। वह भले ही निर्माण सहायक हों लेकिन मंदिर प्रबंधन के प्रत्येक कार्य में उनकी भूमिका रहती थी। कुल मिलाकर चंपत और अनिल मिश्रा के साथ गोपाल राय हर एक निर्णय में शामिल रहते थे। वह ट्रस्ट की बैठक में भी शामिल होते थे। गोपाल के साथ उनके रिश्तेदार सोम पर भी कई आरोप लगे हैं। यहां तक कि सीधे तौर पर भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी और चंपत-अनिल के इस्तीफे के बाद गोपाल राव से भी जिम्मेदारी छीन ली गई है। जल्द इसको लेकर बयान जारी हो सकता है। ट्रस्ट की जुलाई में होने वाली बैठक में उनके निर्माण सहायक के पद को लेकर भी फैसला हो सकता है। उधर एसआईटी व पुलिस दोनों उनकी भूमिका की जांच कर रही है। चढ़ावा चोरी से लेकर निर्माण के कमीशन व जमीन की फरोख्त को लेकर उन पर आरोप लग रहे हैं।