अयोध्या। निर्मला अस्पताल पर अब आगे की कार्रवाई विधिक राय लेकर की जाएगी। सीएमओ ने इसके लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद के लखनऊ बेंच के मुख्य स्थायी अधिवक्ता को पत्र लिखा है। हालांकि, अस्पताल में मरीज भर्ती सेवा बहाल करने के लिए निजी चिकित्सक लामबंद हैं।
हलकारा का पुरवा निवासी सरोज कौशल की मौत के बाद परिजनों ने निर्मला अस्पताल में हिपेरिन इंजेक्शन की ओवरडोज देने का आरोप लगाया था। सीएमओ ने 17 दिसंबर को अस्पताल में मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी थी। 29 दिसंबर को उन्होंने अस्पताल की ओटी सील करते हुए पंजीकरण रद्द कर दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए अस्पताल प्रबंधन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इस पर हाईकोर्ट ने 16 जनवरी को फैसला सुनाते हुए याचिका निस्तारित की है।
इस आदेश में 29 दिसंबर को किया गया सीएमओ का आदेश रद्द किया गया है। अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई के लिए प्रक्रिया अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने, अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सुनने के बाद कारण सहित कार्रवाई का आदेश दिया गया है। यह प्रक्रिया तीन सप्ताह में पूर्ण करने को कहा गया है।
इसके अनुपालन में सीएमओ ने अस्पताल की ओटी खोलने का आदेश दिया है। पंजीकरण जारी करने के लिए पोर्टल पर आवेदन मांगा है। आगे की कार्रवाई के लिए 21 जनवरी को सीएमओ ने मुख्य स्थायी अधिवक्ता से विधिक राय मांगी है, जिससे आदेश का अनुपालन किया जा सके।