बीकापुर। कुशहा शिवतर गांव में 50 वर्षों से लापता व्यक्ति की जमीन कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज के जरिये बेचने का मामला सामने आया है। शिकायत पर बीकापुर कोतवाली पुलिस ने फर्जी गिरिजा शंकर मिश्रा बनकर रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति, क्रेता, विक्रेता, हाजिर गवाह, उप निबंधक, दस्तावेज लेखक समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक, कुशहा शिवतर निवासी घनश्याम मिश्रा और मिथिलेश मिश्रा ने शिकायत में बताया कि उनके छोटे भाई गिरिजा शंकर मिश्रा करीब 50 वर्षों से लापता हैं। आरोप है कि उनकी भूमि हड़पने के लिए कुछ लोगों ने साजिश रची और फर्जी आधार कार्ड तैयार कर एक अन्य व्यक्ति को गिरिजा शंकर मिश्रा के रूप में पेश किया।
इसके बाद 22 अगस्त को गाटा संख्या 1445 और 1463 की भूमि का विक्रय पत्र तैयार कराकर उसकी रजिस्ट्री करा दी गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रजिस्ट्री में फर्जी पहचान के साथ क्रेता, गवाह और अन्य लोगों ने भूमिका निभाई। मामले में एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि शिकायतकर्ताओं ने 12 जून 2026 को ही उप निबंधक बीकापुर को प्रार्थना पत्र देकर भूमि की रजिस्ट्री में संभावित धोखाधड़ी की आशंका से अवगत कराया था। आरोप है कि इसके बावजूद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
सीओ दिनेश गोदारा ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। पुलिस अब रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज, पहचान पत्रों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।