बीकापुर। न्यायालय के आदेश पर बीकापुर कोतवाली पुलिस ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता और सहायक अभियंता सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई कोडरा मुसलमीन गांव के राजकुमार पांडेय की शिकायत पर हुई है। आरोप है कि निजी नलकूप कनेक्शन में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
शिकायत के अनुसार, असकरनपुर बनकट निवासी कैलाशपती ने निजी नलकूप के लिए आवेदन किया था। आवेदन में बिजली के खंभे से नलकूप की दूरी 45 मीटर बताई गई थी। विभाग ने 35 मीटर की दूरी दिखाकर स्वीकृति दी। हालांकि, जांच में नलकूप की वास्तविक दूरी 121 मीटर पाई गई। अधिकारियों ने कैलाशपती के साथ मिलकर गलत एस्टीमेट के जरिये विभाग को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। उन्होंने 80 से 50 मीटर की दूरी का पैसा हड़प लिया। यह कनेक्शन प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य के तहत लिया गया था, जो नलकूप के लिए नियम विरुद्ध है।
जांच में उजागर हुई अनियमितता
शिकायत पर उप जिलाधिकारी बीकापुर की जांच में यह धोखाधड़ी सामने आई। जांच रिपोर्ट में पता चला कि आवेदिका का मकान 20 मीटर दूर है। वहां से 121 मीटर दूर नलकूप चलाया जा रहा था। आवेदिका और अधिकारियों ने मिलकर 121 मीटर की दूरी छिपाई। राजकुमार पांडेय ने पहले कोतवाली और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी। कोतवाल देवेंद्र पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।